
युवक और शिक्षक से साइबर फ्रॉड (photo Patrika)
Cyber Fraud: दोनों फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी कर साइबर ठगों को बेचते थे। पुलिस ने दोनों आरोपी से लगातार पूछताछ की, जिसके बाद बेमेतरा निवासी करन चंद्राकर का नाम सामने आया। मामले की पड़ताल में बेमेतरा जिले के आरोपी का नाम जुड़ने के बाद एक और खुलासा हुआ, जिसमें करन चंद्राकर ने अब तक 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड उत्तर प्रदेश में सक्रिय मास्टरमाइंड को कोरियर के माध्यम से भेजने की बात पुलिस के सामने कबूल की। इस मामले में कवर्धा में 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66(सी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
कबीरधाम पुलिस के अनुसार बेमेतरा निवासी करन चंद्राकर पिछले कुछ वर्षों से फर्जी सिम कार्ड जारी कर साइबर ठगी गिरोह को बेच रहा था। शुरुआत में वह उत्तर प्रदेश के मास्टरमाइंड के लिए अकेले काम कर रहा था, लेकिन बाद में उसने भूपेंद्र और दुष्यंत को अपने साथ जोड़ लिया। धीरे-धीरे भूपेंद्र और दुष्यंत ने खुद मास्टरमाइंड से सीधा संपर्क कर लिया और सीधे ही फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने लगे, जिससे करन चंद्राकर को नजरअंदाज किया जाने लगा। करन चंद्राकर ने पुलिस को बताया कि अब तक वह 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड मास्टरमाइंड तक कोरियर के माध्यम से भेज चुका है।
इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर थाना कवर्धा प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा द्वारा विवेचना की जा रही है। करन चंद्राकर की गिरफ्तारी में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, चंद्रकांत तिवारी, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, आरक्षक अजयकांत, नरेंद्र चंद्रवंशी की भूमिका रही। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पूरे गिरोह के मुख्य सरगना के बारे में जानकारी जुटा ली गई है। जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
बेमेतरा जिले में सायबर ठगी से जुडे़ नए मामले समाने आ रहे हैं। बेमेतरा सिटी कोतवाली में फरवरी व मार्च के दौरान अलग-अलग बैंक के 28 खाताधारकों के खिलाफ सायबर अपराध करने वालों के लिए अपना बैंक खाता किराया देने पर अपराध दर्ज किया गया है। वहीं थानखम्हरिया निवासी दंपती को अज्ञात आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए डिजिटल अरेस्ट कर 1 लाख 94 हजार रुपए की ठगी किए जाने पर थानखम्हरिया थाना में अपराध दर्ज किया गया है।
साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए कबीरधाम पुलिस ने एक विशेष जांच टीम गठित की थी, जिनके द्वारा शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए भूपेंद्र जोशी और दुष्यंत जोशी से गहन पूछताछ की गई, जिसमें करन चंद्राकर का नाम सामने आया। गुप्त सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर करन चंद्राकर को ट्रैक किया गया और उसे बेमेतरा जिले से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह उत्तर प्रदेश में मौजूद मास्टरमाइंड के संपर्क में था और लंबे समय से फर्जी सिम कार्डों की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करन चंद्राकर ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर खुद के नाम के अलग-अलग पहचान पत्र तैयार कर लिए थे। करन के पास से पुलिस ने 13 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए, जिनमें उसकी अपनी ही तस्वीर थी, लेकिन नाम, आधार नंबर और पता अलग-अलग थे। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर उसने बड़ी संख्या में सिम कार्ड खरीदे और उन्हें उत्तर प्रदेश स्थित मास्टरमाइंड तक कोरियर के माध्यम से भेजा। इसके बदले उसे प्रत्येक सिम कार्ड पर मोटी रकम मिलती थी, जिससे वह धीरे-धीरे इस अपराध में पूरी तरह संलिप्त हो गया।
Cyber Fraud: जिले से उत्तर प्रदेश के सायबर ठग को 100 सिम की सप्लाई करने वाले आरोपी को कबीरधाम जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी करन चंद्राकर बेमेतरा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले में उस पर कवर्धा में 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता और धारा 66 (सी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। मिली जानकारी के अनुसार कबीरधाम पुलिस ने एक दिन पूर्व हुई कार्रवाई में दो एजेंट भूपेंद्र जोशी और दुष्यंत जोशी को गिरफ्तार किया था।
Published on:
09 Mar 2025 02:37 pm
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