
Farmer stating his problem
बैतूल। खेत में 7 एकड़ में मक्का की फसल लगी थी। बैंक से डेढ़ लाख का केसीसी लोन लेकर खेती में लगाया था। सोचा था मक्का की फसल अच्छी होगी। गुरुवार को हुई तेज बारिश और हवा से मक्के की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। यह दर्द था ग्राम गोराखार निवासी किसान सुरेश गायकवाड़ का। किसानों ने अपनी समस्या विधायक निलय डागा को प्रभावित फसल का निरीक्षण करने के दौरान शुक्रवार को बताई। तेज हवा और बारिश से बघोली, गोराखार, सरंडई, अमदर में किसानों की फसल बर्बाद हुई है।
विधायक निलय डागा को बघोली निवासी किसान गगन गायकवाड़ ने बताया कि उन्होंने 5 एकड़ में मक्के की फसल लगाई थी। 400 रुपए किलो का महंगा बीज लेकर बोया था। फसल भी बहुत अच्छी लगी थी, लेकिन तेज हवा, बारिश ने पूरे खेत की फसल बर्बाद कर दी है। जिससे भारी नुकसान हुआ है। ग्राम अमदर के किसान कमलेश का कहना है कि उनके 8 एकड़ खेत में लगी मक्के फसल पूरी तरह खेत में गिर गई है। उन्होंने दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया है, लेकिन अभी तक बीमा का प्रीमियम नहीं कटा है। उन्हें चिंता है कि फसल बीमा मिल पाएगा की नहीं। विधायक ने सरकार से आपदा प्रभावित ग्रामीण किसानों को उचित मुआवजा और बैंक से लिए गए कर्ज को माफ करने की बात कही।
चिचोली क्षेत्र में भी नुकसान
चिचोली। तहसील के रतनपुर असाढ़ी क्षेत्र में गुरुवार शाम को अचानक हुई भारी बारिश और चक्रवाती हवाओं के कारण खेतों में खड़ी मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान कैलाश शुक्ला, महेश उइके , आशीष धुर्वे, माली उइके, योगेश शुक्ला ने बताया कि गुरुवार शाम को अचानक 6 बजे तेज हवाओं के साथ रतनपुर और असाढ़ी के बीच भारी बारिश हुई। पांच मिनट तक ओला वृष्टि भी हुई। इससे लगभग एक सैकड़ा किसानों की खेत में खड़ी मक्का एवं सोयाबीन की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। अधिकारियों द्वारा फसले का सर्वे किया है।
Published on:
25 Jul 2020 05:04 am
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