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अब स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी निकला कोरोना पॉजिटिव

जिले में अभी तक तो कोरोना संक्रमण का खतरा आम लोगों पर ही मंडरा रहा था, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। बताया गया कि कर्मचारी कुछ दिन पहले भोपाल से आया था और आने के बाद ड्यूटी भी लगातार कर रहा था। अस्पताल में पर्ची बनाने से लेकर दवाईयां बांटने का काम भी इसी के द्वारा किया जा रहा था।
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कोरोना मरीज मिलने के बाद वार्ड को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया

After receiving the corona patient, ward number eight was sealed with a barricade.

बैतूल/आठनेर। जिले में अभी तक तो कोरोना संक्रमण का खतरा आम लोगों पर ही मंडरा रहा था, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग का एक कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। बताया गया कि कर्मचारी कुछ दिन पहले भोपाल से आया था और आने के बाद ड्यूटी भी लगातार कर रहा था। अस्पताल में पर्ची बनाने से लेकर दवाईयां बांटने का काम भी इसी के द्वारा किया जा रहा था। जिसे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ गया है। कर्मचारी के कोरोना संक्रमित होने से क्षेत्र के लोगों में भी हड़कंप देखा जा रहा है। जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब १८४ पर पहुंच गई है। जबकि १३४ मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। वर्तमान में ४८ केस एक्टिव बताए जाते हैं। वर्तमान में ३२५ सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जिससे कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩा तय है।
बढ़ सकता है संक्रमण का दायरा,हास्पिटल के कर्मचारी को हुआ कोरोना
मांडवी के बाद आठनेर शहर में फिर कोरोना ने दस्तक दी है। यहां पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक कर्मचारी पाजिटिव आया है। स्पोर्टिंग स्टाफ के इस कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार यह कर्मचारी कुछ दिन पहले भोपाल से आया था और आने के बाद ड्यूटी भी लगातार कर रहा था ।अस्पताल में पर्ची बनाने और दवाई देने का काम करने वाले इस कर्मचारी के संपर्क में कई लोग आए थे। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद साथी स्टाफ और मरीजों में भय का माहौल है। कर्मचारी की पाजीटिव रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने अस्पताल की ओपीडी बंद करा दी है और पूरे अस्पताल को सेनेटाइज कर दिया है। केवल इमरजेंसी मरीज लिए जा रहे हैं ।इसके साथ ही कर्मचारी के निवास स्थान को भी सील कर दिया गया है । इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आ रही है। सैंपल लेने के बाद कर्मचारी को तुरंत होम क्वॉरंटीन करवा देना था लेकिन ड्यूटी कराई गई। अब रिपोर्ट आने के बाद संपर्क में आए लोगों में भय का माहौल है। अस्पताल में प्रतिदिन एक सैकड़ा से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इधर अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा सैंपल देने की जानकारी मिली है। नगरपरिषद सीएमओ शेख अख्तर ने बताया की कर्मचारी के निवास स्थान और गली को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया है।