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Israel Attack Iran: इजरायल का ताबड़तोड़ हमला, 340 ठिकानों पर बमबारी, ईरान-लेबनान में मची भारी तबाही

इजरायल ने ईरान और लेबनान में बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक कर 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों और 140 हिजबुल्लाह ठिकाने को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन से क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया है।

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भारत

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Ankit Sai

Apr 05, 2026

Israel Iran attack

इजरायल ने ईरान पर किया बड़ा हमला (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज) एक प्रतीकत्मक फोटो

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहा तनाव अब और गहराता दिख रहा है। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। इसी कड़ी में इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए ईरान और लेबनान में हमले किए हैं। इन हमलों में 200 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों और 140 से अधिक हिजबुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया गया।

मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम पर किया हमला

इजरायल डिफेंस फोर्सेस के अनुसार, यह ऑपरेशन खास तौर पर ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किया गया है। हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें हथियार भंडारण केंद्र और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण, भंडारण और डेवलपमेंट से जुड़े ठिकाने को भी नष्ट किया गया है। इजरायल का दावा है कि ये मिसाइल सिस्टम उनके एयरक्राफ्ट और नागरिक इलाकों के लिए बड़ा खतरा थे। इस ऑपरेशन के जरिए ईरान की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है।

हिजबुल्लाह के ट्रेनिंग सेंटर ध्वस्त

इजरायल ने लेबनान में भी हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की। सैन्य जानकारी के मुताबिक, हिजबुल्लाह के ट्रेनिंग सेंटर, वेपन स्टोरेज फैसिलिटी और लॉन्च साइट्स को टारगेट किया गया। खास तौर पर संगठन की रेडवान फोर्स के मुख्यालय पर हमला कर उसकी कमांड स्ट्रक्चर को कमजोर करने की कोशिश की गई। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके उत्तरी सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। इस ऑपरेशन से हिजबुल्लाह की ऑपरेशनल क्षमता पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक बयान और रणनीतिक असर

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों से ईरान के स्टील प्रोडक्शन का लगभग 70 % हिस्सा प्रभावित हुआ है, जिससे उसके हथियार निर्माण और फंडिंग पर असर पड़ेगा। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि यह अभियान अमेरिका के साथ तालमेल में चल रहा है और आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाता रहेगा। इस बीच, क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है।