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आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में पिता ने ये बातें लिख लगा ली फांसी, लिखी ऐसी बातें की हर कोई पढ़ हो जाएगा भावुक

बेटी को ननिहाल भेजकर खरीदी रस्सी और घर जाकर की आत्महत्या, पहले अधिवक्ता ने लिखा सुसाइड नोट, सभी हैरान - बेटी ने दी मुखाग्नि, बेटा को नहीं दी खबर

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suicide case

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भरतपुर।

राजस्थान के भरतपुर जिले में एक वकील ने सुसाइड नोट लिख फंदे से लटक अपनी जान दे दी। जवाहर नगर में रविवार दोपहर एक अधिवक्ता ने गले में रस्सी का फंदा कसकर मकान के चौक में लौहे के जाल से लटक गया। अधिवक्ता ने रविवार रात तक जब बेटी का फोन नहीं उठाया तो बेटी गोपालगढ़ मोहल्ला ननिहाल से मामा के साथ घर आई। जब उसने पिता को फंदे पर लटका देखकर उसकी चीख निकल गई। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी जमा हो गए।

फंदे से लटकने की सूचना पुलिस थाने में दी। जिसके बाद सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद बेटी ने बी-नारायण गेट श्मशान में अधिवक्ता को मुखाग्नि दी।


बेटे को नहीं दी अभी तक पिता के मरने की सूचना

विदेश में पढ़ रहे बेटे को परीक्षा के चलते पिता की मौत की खबर अभी तक नहीं दी गई है। थानाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि अधिवक्ता ने दो पेज सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें स्वत: की इच्छा से सुसाइड करने की बात लिखी है।

पुलिस ने बताया कि जवाहर नगर निवासी 53 वर्षीय अधिवक्ता रामकृपाल सिंह जादौन ने आत्महत्या की है। उनकी शिक्षिका पत्नी की मौत करीब पांच साल पहले हो चुकी है। बेटा तुषार सिंह विदेश में मेडिकल की पढ़ाई और बेटी खुशबू सिंह भी जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रही है। अभी हाल में खुशबू सिंह घर पर ही थी। रामकृपाल सिंह रविवार दोपहर गोपालगढ़ मोहल्ला स्थित ससुराल में बेटी खुशबू को छोड़कर आया था।

खुशबू ने कई बार पिता को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा तो उसे चिंता हुई वह देर रात करीब साढ़े दस बजे मामा के साथ जवाहर नगर आई। मकान के चौक में लगे लौहे के जाल में गले में रस्सी का फंदा लगाकर रामकृपाल सिंह टंगे मिले। यह देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर पड़ोसी जमा हो गए।

अकेलेपन में उठाया आत्मघाती कदम

पुलिस के मुताबिक, बेटा तुषार विदेश में और बेटी खुशबू जयपुर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। घर पर रामकृपालसिंह अकेले रहते थे। पत्नी की मौत के बाद से वह अकेलापन महसूस कर रहे थे। इसी अकेलेपन में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

ये लिखा सुसाइड नोट में

इसका जिक्र रामकृपालसिंह ने अपने दो पेज के सुसाइड नोट में भी किया है। उन्होंने सभी दोस्त, रिश्तेदारों को संबोधित करते हुए सुसाइड नोट में लिखा है कि पत्नी की मौत के बाद वह अकेले पड़ गए। उन्होंने अपने बेटी और बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी एक दोस्त को दी है। इसके साथ ही जुलाई में बेटी के 18 साल की होने पर मां की जगह नौकरी लगवाने के लिए मित्र और रिश्तेदारों से प्रयास करने के लिए कहा है। उन्होंनें सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि उनकी मौत की खबर बेटा और बेटी को नहीं दी। क्योंकि अभी दोनों की परीक्षाएं चल रही हैं। मौत की खबर सुनकर वे टूट जाएंगे। इससे साफ है कि वे काफी दिनों से सुसाइड करने का प्रयास कर रहे होंगे। उन्होंने मुखाग्नि के लिए एक रिश्तेदार को लिखा है। मेरी आत्महत्या को लेकर किसी को परेशान न किया जाए। मैं खुद इसका जिम्मेदार हूं।