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Bharatpur Crime : भरतपुर के बयाना थाना इलाके गांव मुर्की निवासी सविता (19 वर्ष) 26 दिनों में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में कोमा की स्थिति में 26 दिनों से अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रही थी। परिवारीजन उसके होश आने का इंतजार कर रहे थे कि कब सविता अपनी आंखे टिमटिमाएगी लेकिन परिवारीजनों की दुआ और दवा कोई काम नहीं आई और आखिरकार शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। जिससे परिवार सहित रिश्तेदारों में कोहराम मच गया।
12 अगस्त को उच्चैन निवासी डलीराम गुर्जर अपनी नमासी सविता को जुकाम-खांसी होने पर रूदावल रोड पर डॉक्टर अशोकसिंह के क्लिीनिक पर ले गया। जहां डॉक्टर बिना जांच करे ही उसको इंजेक्शन लगाने लगा तब नाना और नमासी ने कहा कि इंजेक्शन से एलर्जी व इन्फेक्शन हो जाता है। इंजेक्शन लगाने से पहले चैक कर लो। तब डॉक्टर ने नाना और नमासी की एक नहीं सुनी तथा उसने सविता को इंजेक्शन लगा दिया।
आधा इंजेक्शन लगते ही सविता बेहोश हो गई तब नाना डलीराम ने डॉक्टर से कहा कि तुमने ये क्या कर दिया तो डॉक्टर आग बबूला हो गया और गाली गलौच देने लग गया। मारपीट करने पर उतारू हो गया और नमासी को बेहोशी की हालात में छोड़कर चला गया। वहां मौजूद लोगों के सहयोग से नमासी को उच्चैन सीएचसी पर ले गए। जहां से चिकित्सकों ने भरतपुर आरबीएम अस्पताल के लिए रैफर कर दिया।
जयपुर एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कार्रवाई करवा कर शाम को शव परिजनों को सौंप दिया है। इधर अनाधिकृत चिकित्सक डॉ.अशोक के खिलाफ जांच कर मामला दर्ज किया गया है।
गिर्राजसिंह, थानाप्रभारी, उच्चैन
Published on:
07 Sept 2025 11:07 am
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