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Radha Rani Prakatya Utsav : साल में एक बार ही होते हैं बिहारीजी मन्दिर में राधा रानी के चरण दर्शन, उमड़े श्रद्धालु

Radha Rani Prakatya Utsav : भरतपुर में राधा रानी के प्राकट्योत्सव पर श्रद्धालु उनके चरण दर्शन के लिए आतुर नजर आए। साल में एक बार ही होते हैं बिहारीजी मन्दिर में राधा रानी के चरण दर्शन।

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Bharatpur Radha Rani Prakatya Utsav Feet can be seen only once a year in Bihariji temple devotees flock to see her

बिहारी जी मंदिर में राधा रानी के चरण दर्शन को उमड़े श्रद्धालु। पत्रिका फोटो

Radha Rani Prakatya Utsav : भरतपुर में राधा रानी के प्राकट्योत्सव पर श्रद्धालु उनके चरण दर्शन के लिए आतुर नजर आए। यही वजह रही कि शहर के आराध्य बिहारीजी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई। राधा रानी और बिहारीजी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु मंदिर में उमड़ पड़े। बिहारीजी मंदिर में दर्शनों के लिए सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर में रविवार को राधाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

राधा-कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटी

भरतपुर शहर के राधा-कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटी। भादपद्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। मंदिरों में राधा रानी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं में चरणामृत प्रसाद का वितरण हुआ। राधा रानी के मंदिरों में सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया।

साल में एक बार ही होते हैं राधा रानी के चरणों के दर्शन

किला बिहारीजी मन्दिर के महंत देवेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि राधा रानी के प्राकट्योत्सव पर 101 किलो दूध, 51 किलो दही, 5 किलो घी, संगम त्रिवेणी का गंगा जल एवं दिव्य औषधि से सुबह 3.55 बजे अभिषेक किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद श्रद्धालुओं को चरणामृत का वितरण किया गया। राधा रानी के चरणों के दर्शन साल में एक बार ही होते है। शाम को भव्य फूलबंगला झांकी के दर्शन किए गए।

श्रद्धालुओं ने राधा रानी का किया गुणगान

राधाष्टमी पर शहर के अन्य मन्दिर नदिया गोपाल मंदिर, राधा रमण मंदिर, कृष्ण राधा मंदिर और बुध की हाट स्थित मोहन जी के मंदिर, किला मोहनजी मन्दिर, गोपालगढ़ कटपुतली मन्दिर व अन्य राधा-कृष्ण मन्दिरों में दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ी। आरती के जरिए राधा रानी का गुणगान किया गया। महिलाओं ने राधा रानी को रिझाने के लिए भजन गाकर नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने राधा रानी का गुणगान कर खुशहाली की कामना की।