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गरीब कैसे खाए आटाः 20 किलो राशन में 2 किलो मिट्टी, सरकार की हो रही किरकिरी

गरीब का आटा कंगाली में गीला नहीं हो, इसके लिए सरकारें कई प्रयास कर रही हैं, लेकिन कुछ कारिंदों की कारिस्तानी ने अब गरीबों के आटे को किसकिसा कर दिया है

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भरतपुर। गरीब का आटा कंगाली में गीला नहीं हो, इसके लिए सरकारें कई प्रयास कर रही हैं, लेकिन कुछ कारिंदों की कारिस्तानी ने अब गरीबों के आटे को किसकिसा कर दिया है। राशन डीलरों के यहां से इस बार कंकड़-मिट्टी मिला हुआ गेहूं पहुंचा है। ऐसे में यह किसकिसा आटा न निगलते बन रहा है और न ही उगलते। इसके चलते गरीब किसकिसी रोटी खाने को विवश हो रहे हैं।

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बहुतेरे लोग खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं घर ले गए हैं, जहां इनमें मिट्टी और कंकड़ लिए हैं। इसके बाद इस गेहूं को लेने से इनकार कर रहे हैं। इससे पहले भी गेंहू में मिट्टी मिलाने का मामला पुराने औद्योगिक क्षेत्र में सामने आया था। शहर के बी-नारायण गेट के समीप वार्ड नम्बर 14 में राशन डीलर सानिया देवी के नाम से दुकान है। दुकान पर बैठे सोनिया के नाती कुश ने बताया खाद्य विभाग से अगस्त माह में 105 कट्टे गेहूं के आए थे। इसमें से करीब 20 से अधिक कट्टों में मिट्टी होने की शिकायत लोगों ने की है। लोग इस गेहूं को लेने से इनकार कर रहे हैं और झगड़े पर उतारू हो रहे हैं। कुश का कहना है कि लोग डीलर पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने गेहूं में मिट्टी मिलाई है, लेकिन हकीकत यह है कि कट्टों में एफसीआई गोदाम से ही मिट्टी मिली आ रही है। गेहूं में मिट्टी की मात्रा अधिक होने से लोग इस गेहूं को नहीं ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा योजना के परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं दिया जाता है।

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पहले भी हुई सरकार की किरकिरी
गेहूं में मिट्टी मिली होने का यह पहला मामला नहीं है। सरकार इस पर पहले भी किरकिरी हो चुकी है। पूर्व में गेहूं में मिलावट करने के मामले में मैं चन्द्रावती हॉस्पिटलिटी एण्ड ट्यूरिज्म के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की फर्म चन्द्रावती हॉस्पिटलिटी के कर्मचारियों को रीको एरिया स्थित गोदाम में राशन के गेहूं में मिट्टी-कंकड़ मिलाते हुए पकड़ा था। इस फर्म में पूर्व जिलाप्रमुख बीना सिंह भी पार्टनर बताई गईं हैं। इस मामले में पूर्व में फर्म को 17 हजार 991 क्विंटल गेहूं की राशि जमा कराने के लिए नोटिस भी दिया गया था। इस मामले में थाना उद्योग नगर में गेहूं में मिलावट करने व 12 दिसम्बर 2021 तक 17 हजार 991 क्विंटल गेहूं एफपीएस पर नहीं पहुंचने को लेकर एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में 3.75 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था।


गेहूं खुर्द-बुर्द करने का भी मामला
सरकारी गेहूं को खुर्द-बुर्द करने का भी मामला पहले सामने आया था। प्रबंधक नागरिक आपूर्ति की ओर से फर्म मै श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी हरियाणा को इस संबध में नोटिस थमाया गया था। इस मामले में भी थाना उद्योग नगर में मामला दर्ज हुआ था। इसमें बताया था कि 17 हजार क्विंटल गेहूं एफपीएस पर नहीं पहुंचा। रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि फर्म के परिवहनकर्ता भागीरथ शर्मा ने भारतीय खाद्य निगम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डों पर उपभोक्ताओं को वितरित किए जाने वाले गेहूं को उचित मूल्य की दुकानों पर नहीं पहुंचाया था।

सरकार की ओर से 5 किलो प्रति व्यति गेंहू आता है। मुझे 20 किलो गेंहू मिलता है। गेहूं में मिट्टी इतनी अधिक होती है कि यह गेहूं 18 किलो ही बैठता है। यह स्थिति एक बार नहीं, बल्कि कई बार होती है।
- सुजाता, जगरोठा मोहल्ला

सरकार की ओर से गेंहू नि:शुल्क जरूर बंट रहा है, लेकिन मिट्टी-कंकड़ अधिक होने से समस्या हो रही है। बारिश में तो गेंहू को धोकर भी नहीं सुखा सकते हैं। किसकिसी रोटी खानी पड़ रही हैं।
- राधना, हरिजन बस्ती भरतपुर

राशन के गेंहू में यदि मिट्टी की शिकायत है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- भारती भारद्वाज, जिला रसद अधिकारी, भरतपुर