
हवा में स्मॉग के कारण दिन में ही अंधेरा छाया
भरतपुर. दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इन दिनों प्रदूषण इमरजेंसी स्तर पर पहुंच गया है। प्रदूषण का असर भरतपुर और अलवर में भी देखा जा रहा है। शनिवार को मौसम में काफी बदलाव दिखाई दिया। पूरे दिन सूरज नहीं निकला। हवा में स्मॉग के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक स्मॉग के कारण वातावरण में मिट्टी और धुंए के कण ठहर जाने से मौसम में बदलाव देखने को मिला। हालांकि दीपावली पर शहर में लगे मापक यंत्र में पीएम 207 का स्तर रहा। शनिवार को हवा के साथ एयर क्वालिटी शाम करीब पांच बजे दिल्ली के आसपास के इलाकों में काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। इसका असर भरतपुर में भी देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार जिस वक्त वातावरण में अधिक धुआं व 2.5 माइक्रोन के आकार के कण अधिक होते हैं तो प्रदूषण मापक यंत्र में इसका आंकड़ा अधिक पहुंच जाता है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 2.10 के घटते-बढ़ते स्तर के आधार पर औसत प्रदूषण का स्तर निकाला जाता है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मण्डल भरतपुर के पास दिवाली के बाद अब तक के प्रदूषण के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
स्वास्थ्य पर भी असर
प्रदूषण के कारण आमजन के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि भरतपुर में अभी प्रदूषण की स्थिति अधिक चिंताजनक नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर ऊंचा पहुंचने के कारण पर्यावरण प्रदूषण (निवारण एवं नियंत्रण) प्राधिकरण दिल्ली की ओर से अलवर व भरतपुर जिले में ईंट भट्टे, स्टोन क्रशर, हॉट मिक्स प्लांट आगामी 5 नवम्बर की सुबह तक बंद रखे जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर तय मानकों से ज्यादा ऊपर पहुंच पहुंच गया था।
Published on:
03 Nov 2019 04:03 am
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