
Bhainsina Kisan Sabha : भुसावर में समाजवादी विचारक और पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा दुखी किसान वर्ग है और किसानों का कर्जा माफ होना चाहिए तथा अमीर लोगों पर टैक्स लगाकर उस पैसे को खेती और सिंचाई के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए। उन्होंने बाण गंगा में पानी लाने पर जोर दिया।
पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन रविवार को ग्राम भैंसीना में आयोजित किसान सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में 88 फीसद किसान छोटी जोत वाले हैं। जब किसान को सस्ता पानी मिलेगा तो उसकी आमदनी बढ़ेगी और बिजली का खर्चा कम हो जाएगा।
पंड़ित रामकिशन ने कहा कि मनरेगा के कार्य दिवस को बढ़ाकर सरकार को 200 दिन कार्य दिवस की गारन्टी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बैंकों ने 16 लाख करोड़ से अधिक का कर्जा माफ किया है। लेकिन उसमें से 12 लाख करोड़ से अधिक का कर्जा बड़े उद्योगपतियों और कम्पनियों का ही कर्जा माफ किया है।
सभा में किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि जब तक किसानों को उनके उत्पादों का बाजार में लाभकारी मूल्य की गारन्टी का कानून नहीं बनता तब तक किसानों की हालत नहीं बदल सकती। खाद, बीज, कीटनाशक, ट्रैक्टर, डीजल, बिजली आदि के दाम कई गुना अधिक बढ़ गए। जिसकी वजह से खेती की लागत बढ़ी और किसान कर्जदार होता चला गया। अपने हकों के लिए किसानों को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए क्योंकि सभी सरकारों ने किसान की उपेक्षा की है।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने किसानों का आह्वान किया कि किसान हित में 12 जनवरी को हलैना में होने वाले किसान सम्मेलन में सभी किसान और नौजवानों को हिस्सा लेना चाहिए। जिसमें पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मालिक हिस्सा लेंगे। सभा में भरतपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्धाज ( भूरा ), प्रवीण विजवारी, भाकियू चढ़ूनी के संभाग अध्यक्ष निभर्य सिंह बड़ेसरा, श्रीराम चन्देला ने सरकार से इआरसीपी के समझौते को सार्वजनिक करने की मांग रखी। जबकि पूर्व सरपंच हुक्म सिंह झारौटी, सरपंच बिजेन्द्र सिंह बबेखर, तेज सिंह पथैना, शिशुपाल पथैना, पूर्व सरपंच केशव देव शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।
1- पानी और रोजगार के मुद्दों को लेकर आयोजित हुई इस किसान सभा में मौजूद किसानों ने एकजुट होकर सरकार से सिंचाई पानी के लिए बाणगंगा नदी को गम्भीर से जोड़ने तथा पांचना बांध के पानी का बंटवारा करने सहित इआरसीपी-पीकेसी के प्रथम चरण में ही भरतपुर और डीग जिलों को सिंचाई के पानी का इंतजाम करने की मांग की।
2- किसानों ने वैर के सीता बांध को भी विकसित करके बन्ध बारैठा पाइप लाइन स्कीम से जोड़ने की मांग रखी तथा रोजगार के लिए प्रदूषणा रहित उद्योग धन्धे लगाने की मांग की। बगैर पानी के खेती बंजर हो गई है। गहरे ट्यूबवेल पातालतोड़ में भी पानी सूख चुका है। बगैर सिंचाई पानी के खेती बर्बाद हो गई और किसान कर्जदार हो गए हैं। इसलिए सरकार को शीघ्र ही बाणगंगा नदी में पानी लाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
3- सभी किसानों ने पानी और रोजगार को लेकर कस्बा हलैना में 12 जनवरी को होने जा रहे किसान सम्मेलन में भारी संख्या में पहुंचने का संकल्प लिया। सभी किसानों ने निर्णय लिया कि पानी आने तक संघर्ष जारी रहेगा। किसानों की सभा में करीब एक दर्जन समीपवर्ती गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया।
Updated on:
30 Dec 2024 05:47 pm
Published on:
30 Dec 2024 05:44 pm
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
