
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma Govardhan Giriraj Dandwat Parikrama
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने व्यस्त राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों से समय निकालकर सोमवार शाम को सीधे ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूंछरी का लौठा पहुंचे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अपनी पुरानी धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखते हुए भजनलाल शर्मा ने यहाँ किसी वीआईपी सुख-सुविधा का उपयोग करने के बजाय एक सामान्य गिरिराज भक्त के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने पत्नी गीता शर्मा के साथ सबसे पहले श्रीनाथजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और फिर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर कदम बढ़ाए। प्रशासनिक और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की यह यात्रा उनके परिवार द्वारा पिछले कई दिनों से किए जा रहे एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री के इस सादगीपूर्ण अंदाज को देखकर परिक्रमा मार्ग में मौजूद आम श्रद्धालु और स्थानीय ब्रजवासी भी काफी उत्साहित नजर आए। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने आम जनता की परिक्रमा में किसी भी तरह का व्यवधान न हो, इसका पूरा ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।
सोमवार रात ठीक 8:30 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी पत्नी गीता शर्मा के साथ गोवर्धन गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर (सप्तकोसीय) लंबी पैदल परिक्रमा अधिकारिक रूप से शुरू की। परिक्रमा की शुरुआत उन्होंने पूंछरी का लौठा मंदिर के मुख्य द्वार पर साष्टांग 'सात दंडवत' प्रणाम अर्पित करके की। इस दौरान पूरा माहौल 'गिरिराज धरणी की जय' और 'राधे-राधे' के जयकारों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री को पैदल परिक्रमा करता देख उनके साथ आए कई राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी भी अपने वाहनों को छोड़कर पैदल ही यात्रा में शामिल हो गए। इस 6 घंटे लंबी पैदल यात्रा में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश दिगंबर सिंह, विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ सिहाग, भरतपुर जिला परिषद के सीईओ मृदुल सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी लगातार मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। मुख्यमंत्री पूरी यात्रा के दौरान भक्ति रस में लीन दिखे और उन्होंने मार्ग में मिलने वाले अन्य आम श्रद्धालुओं से भी बेहद आत्मीयता से बातचीत की।
मुख्यमंत्री की धार्मिक यात्रा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पारिवारिक मानवीय पहलू भी सामने आया है। दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पूंछरी पहुंचने से पहले उनकी पत्नी गीता शर्मा और उनके सुपुत्र डॉ. कुणाल शर्मा ने श्री गिरिराज महाराज की बेहद कठिन मानी जाने वाली सप्तकोसीय दंडोति (लेटकर की जाने वाली) परिक्रमा शुरू की थी। यह अत्यंत कठिन और श्रद्धापूर्ण परिक्रमा रविवार रात्रि को पूरी तरह से संपन्न हुई थी।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, इसी कठिन धार्मिक अनुष्ठान की सफल पूर्णाहुति, मन्नत पूरी होने और गिरिराज जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं सोमवार को पूंछरी पहुंचे। इस अनुष्ठान के समापन के अवसर पर मंगलवार सुबह पूंछरी का लौठा में गिरिराज प्रभु और श्रीनाथजी महाराज का भव्य दुग्धाभिषेक किया गया। इसके उपरांत, क्षेत्र के संतों, ब्रजवासियों और दूर-दराज से आने वाले आम श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसाद वितरित होगा।
पूंछरी स्थित सेफ हाउस पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी धार्मिक यात्रा के बीच भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। उन्होंने मौके पर मौजूद भरतपुर संभाग और नवगठित डीग जिले के आला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के विकास कार्यों, पूंछरी और गोवर्धन क्षेत्र में आने वाले राजस्थानी श्रद्धालुओं की सुविधाओं, पेयजल आपूर्ति और वर्तमान बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ब्रज क्षेत्र में आने वाले देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की बुनियादी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। बैठक समाप्त होने के बाद सेफ हाउस के बाहर खड़े सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों ने मुख्यमंत्री का माला पहनाकर और साफा बांधकर भावभीना स्वागत किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया।
सोमवार सायंकाल जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का हेलीकॉप्टर डीग जिले के पूंछरी स्थित अस्थाई हेलीपैड पर उतरा, तो वहां पहले से मौजूद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों ने उनका गर्मजोशी और पारंपरिक ब्रज के अंदाज में स्वागत किया। मुख्यमंत्री की अगवानी करने के लिए गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत और भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रशासनिक मोर्चे पर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, रेंज आईजी कैलाश चंद विश्नोई, डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष, भरतपुर जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी, डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ और भरतपुर एसपी राजेश मीना भी अपनी पूरी टीम के साथ तैनात थे। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड से उतरने के बाद सीधे एक इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग किया और पूंछरी स्थित सेफ हाउस पहुंचे।
Updated on:
09 Jun 2026 09:15 am
Published on:
09 Jun 2026 09:08 am
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