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Rajasthan LPG Crisis : कमर्शियल एलपीजी गैस आपूर्ति की नई पॉलिसी लागू, सरकार ने तय की नई कैटेगिरी

Rajasthan LPG Crisis : राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी गैस आपूर्ति पर सरकार ने बड़ा नियंत्रण लागू करते हुए नई पॉलिसी लागू कर दी है। सरकार ने नई कैटेगिरी तय की है। साथ ही गैस बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा। जानिए क्या है नई कैटेगिरी।

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Rajasthan commercial LPG gas supply New policy implemented government has decided on a new category

फोटो - AI

Rajasthan LPG Crisis : राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी गैस आपूर्ति पर सरकार ने बड़ा नियंत्रण लागू करते हुए नई पॉलिसी लागू कर दी है। अब गैस वितरण को 100, 60, 50 और 40 प्रतिशत की अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे ऊपर रखते हुए उन्हें 100 प्रतिशत गैस देने का निर्णय लिया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार वैश्विक परिस्थितियों (ईरान युद्ध) के चलते केन्द्र सरकार ने राज्य का गैस कोटा बढ़ाकर पूर्व स्तर का 70 प्रतिशत किया है। इसके बावजूद सीमित आपूर्ति के कारण प्राथमिकता तय कर सख्त वितरण व्यवस्था लागू की गई है।

गैस आवंटन का आधार अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 की औसत खपत होगी। किसी जिले में कोटा बचने पर जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली समिति स्थानीय जरूरत के अनुसार निर्णय लेगी। नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सरकार ने तय की नई कैटेगिरी

इनको मिलेगी 100 फीसदी
1- सभी सरकारी और निजी अस्पताल
2- स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और उनके हॉस्टल
3- सरकारी कार्यालयों की कैंटीन पुलिस और सैन्य मेस
4- मिडडे मील योजना और पंजीकृत धर्मार्थ संस्थान ।

इन्हें मिलेगी 50 फीसदी
1- मंदिर और उनके रसोईघर
2- मैरिज गार्डन, पैलेस और कैटरिंग कार्यक्रम
3- धार्मिक उत्सव और अन्य छोटे व्यावसायिक उपभोक्ता।

इन्हें 60 फीसदी गैस आपूर्ति
1- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और सड़क किनारे खाने की दुकानें
2- डेयरी (कोऑपरेटिव और निजी)।

इन्हें मिलेगी 40 फीसदी
1- थोक और पैक्ड सप्लाई वाले उद्योग।

इन्हें खपत का केवल 40 प्रतिशत गैस आवंटन

प्रवासी श्रमिकों व रेहड़ी-पासी अधिक के अधिकतम 2 सिलेंडर एक बार में मिल सकेंगे
(नोट: सभी को अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के औसत खपत के आधार पर)

पंजीकरण और पीएनजी अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत बिना पंजीकरण कोई भी उपभोक्ता कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं ले सकेगा, जिन क्षेत्रों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।

पाइप लाइन कनेक्शन मिलने तक ही एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। भरतपुर में सिटी गैस वितरण का कार्य गेल इंडिया लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। वर्तमान में यहां 4000 घरेलू, 33 वाणिज्यिक और 7 औद्योगिक उपभोक्ताओं को पीएनजी गैस की नियमित आपूर्ति हो रही है। जिला प्रशासन ने कंपनी की नए कनेक्शन तेजी से जारी करने के निर्देश दिए हैं।

नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

सरकार के स्तर पर गैस वितरण के लिए कैटेगिरी निर्धारित की गई हैं। इस संबंध में निर्देश मिले हैं। नई नीति का उद्देश्य सीमित गैस संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए जरूरी सेवाओं खासकर स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता देना है। सभी उपभोक्ताओं को नियमों के अनुसार पंजीकरण कराना होगा और जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध है, वहां उसी को बढ़ावा दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पवन अग्रवाल, जिला रसद अधिकारी भरतपुर