
Bhilai News: भिलाई इस्पात संयंत्र के करीब 1200 नियमित कर्मियों के वेतन पर्ची में एफआर कोड के नाम से 4,000 या उससे अधिक की रकम काटी गई है। कर्मचारी इस बात को लेकर भड़क गए हैं कि आखिर वह किस मद के लिए है। इस संबंध में बताया जा रहा है कि 7 माह के सीपीएफ की राशि है, जिसे सीपीएफ खाते में जमा किया गया है। आने वाले माह में भी वेतन से कटौती कर जमा किया जाएगा। बीएसपीकर्मियों को वेतन मिलने से पहले ऑनलाइन वेतन पर्ची देखने को मिल जाता है, जिसमें यह कटौती नजर आ रहा है।
बीएसपी प्रबंधन यह राशि उन कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर रहा है, जिनके भविष्य निधि खाते में प्रबंधन के अंशदान में से 8.33 फीसदी को सीपीएफ में प्रबंधन ने अक्टूबर 2023 से भेजना बंद कर दिया था।
इस प्रक्रिया में प्रबंधन ने त्रुटिवश ऐसे 1200 कर्मियों जो कर्मचारी पेंशन योजना के दायरे में आते हैं, उनके खाते से ईपीएफओ को अंशदान भेजना बंद कर दिया और पूरा का पूरा अंशदान कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में ही जमा किया। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के लिए वही कर्मचारी योग्य हैं, जिनकी पहली नौकरी में नियुक्ति के समय वेतन 15,000 (मूल वेतन प्लस डीए) से कम है।
अब इस भूल को सुधारने के लिए प्रबंधन ने ऐसे सभी 1200 कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की गई, प्रबंधन के अंशदान की पूरी राशि को वापस ना निकाल कर कर्मचारी पेंशन निधि में भेजने के बदले उनके वेतन से काटकर वह राशि ईपीएफओ को भेज रही है। ताकि संबंधित कर्मचारी को भविष्य निधि खाते में जमा राशि का नुकसान ना हो। आने वाले माह में भी कुछ कर्मियों के खातों से कुछ राशि काटी जाएगी।
प्रबंधन ने कर्मियों को एक फॉर्म भरकर उनसे जानकारी मांगी कि क्या उन्होंने बीएसपी में नियुक्ति से पहले अन्यत्र कहीं नौकरी की, जहां उनका वेतन 15,000 से कम थी। योग्य कर्मचारियों को चिंहित कर उनके वेतन से कटौती की जाने वाली भविष्य निधि अंशदान के बराबर प्रबंधन के अंशदान में से 8.33 फीसदी कर्मचारी भविष्य निधि में भेजना जारी रखा जाए। कर्मचारी जिनकी बीएसपी में पहली नौकरी है और पहला वेतन 15,000 से अधिक है, वे कर्मचारी पेंशन योजना के दायरे में नहीं आते हैं। उनके भविष्य निधि खाते में प्रबंधन के अंशदान को ईपीएफओ खाते में भेजना रोक कर, पूरा का पूरा अंशदान उनके ही भविष्य निधि खाते में जमा की जा सके।
Updated on:
02 May 2024 02:12 pm
Published on:
02 May 2024 02:12 pm
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