सेल का उत्पादन जिस वक्त कर्मियों की संख्या 70,000 थी, तब 14.5 मिलियन टन था। वहीं अब नियमित कर्मियों की संख्या सेल में घटकर 45,500 रह गई है, तब उत्पादन बढ़कर 19.2 मिलियन टन तक जा पहुंचा है। कर्मचारी उमीद कर रहे हैं कि उत्पादन बेहतर करने के एवज में बोनस अधिक मिलेगा।