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Rajnandgaon News: मातम में बदली नवरात्र की खुशियां, तीन मंजिला इमारत से गिरकर मजदूर की मौत

Chhattisgarh job alert: दुर्ग जिले की जनपद पंचायतों में वीबी-जी राम जी के तहत संविदा पदों पर भर्ती निकली है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
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भिलाई

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Love Sonkar

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Oct 15, 2026

Rajnandgaon News

तीन मंजिला इमारत से गिरकर मजदूर की मौत (Photo Patrika)

Rajnandgaon Worker dies: जिस पिता के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं, जिस कमाई से मां, बहन, पत्नी और दो बच्चों का जीवन चल रहा था, वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। शहर से लगे मोहड़ वार्ड निवासी 42 वर्षीय मनसुख निषाद की रायपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत से गिरने के बाद वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था, लेकिन मंगलवार रात उसकी सांसें थम गईं। मनसुख की मौत की खबर गांव पहुंचते ही नवरात्र की खुशियां मातम में बदल गईं। जिस घर में त्योहार की रौनक होनी थी, वहां अपनों को खोने का दर्द पसरा रहा।

निर्माणाधीन इमारत में काम करते समय हुआ हादसा

मनसुख निषाद, पिता स्वर्गीय झगरू निषाद, राजमिस्त्री का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। 11 अक्टूबर को वह अभिनंदन गैलेक्सी स्थित एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में काम कर रहा था। इसी दौरान वह इमारत से नीचे गिर पड़ा। हादसे में उसे बाहरी और अंदरूनी गंभीर चोटें आईं।

तत्काल अस्पताल में भर्ती

घटना के बाद उसे तत्काल पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन मंगलवार रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने वाला इकलौता व्यक्ति हमेशा के लिए चला गया।

पिता के बाद अब कमाने वाले का भी छिना सहारा

वार्ड 49 के पार्षद संजय निर्मलकर ने बताया कि मनसुख परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। ऐसे में मां, बहन, पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। मेहनत-मजदूरी कर वह परिवार की जरूरतें पूरी करता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिजनों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।

त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं

मनसुख की मौत की खबर से मोहड़ वार्ड में शोक की लहर फैल गई। नवरात्र के दौरान जहां घरों में उत्सव का माहौल था, वहीं मनसुख के घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मंगलवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

इकलौता आर्थिक सहारा छीन लिया


इस हादसे ने एक परिवार से उसका इकलौता आर्थिक सहारा छीन लिया। पीछे मां, पत्नी, बहन और दो बच्चों को छोड़कर गए मनसुख की मौत से पूरे गांव में शोक है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाले मनसुख का इस तरह चले जाना परिजनों के लिए ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा।