6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गैंगस्टर की मर्जी के बिना पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी नहीं घुस पाते

गैंगस्टर तपन की मर्जी के बिना पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी जेल में नहीं घुस पाते। केंद्रीय जेल में इस बात का खुलासा पुलिस की प्राथमिक जांच में हुआ है।
2 min read
Google source verification
Patrika

गैंगस्टर की मर्जी के बिना पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी नहीं घुस पाते

दुर्ग . केंद्रीय जेल में इस बात का खुलासा पुलिस की प्राथमिक जांच में हुआ है। गैंगस्टर तपन की मर्जी के बिना पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी जेल में नहीं घुस पाते। यही वजह है कि जब भी जेल में दबिश दी जाती है जांच टीम खाली हाथ लौटती। जेल में गैंगस्टर का साम्राज्य चलने की पुलिस अधिकारियों को पहले ही सूचना मिलती रही है। इस दौरान पुख्ता जानकारी मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह और एसडीएम कैलाश वर्मा ने जनवरी 2018 को अलसुबह जेल में दबिश देने का प्लान बनाया। दोनों अफसर अपनी टीम के साथ जेल पहुंच गए, लेकिन वहां जेल मैनुअल का हवाला देकर आधा घंटे से ज्यादा दोनों को बाहर ही रोके रखा गया। चर्चा थी कि जेल में गड़बड़ी को उजागर करने वाले सारे सबूत हटा दिए गए, इसके बाद अधिकारियों को अंदर जाने दिया गया।

त्रिस्तरीय जांच, जानिए कौन क्या करेगा पड़ताल
1. गैंगस्टर तपन सरकार के खिलाफ जमीन खरीदी-बिक्री से संबंधित शिकायतों की जांच एसआइटी कर रही है। पुलिस का दावा है कि गैंगस्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायत हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में संबंधित थाना में एफआइआर दर्ज की जाएगी।
2. गैंगस्टर तपन सरकार की मोबाइल पर जेल से बात करने की शिकायत पुलिस को कई बार मिली है। जमीन कारोबारी ने मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। इसकी जांच पुलिस की आइटी सेल कर रही है।
3. तपन सरकार पर उगाही का मामला दर्ज है। इसके अलावा लोगों को धमकाने की शिकायत दर्ज है। इनकी जांच जांच करने अलग से टीम गठित की गई है जिसमें जिले के पुराने और अनुभवी अधिकारी को रखा गया है।

शिकायतों की सूची लंबी है। जांच में कई मामले परत दर परत खुलेंगे। हम हर शिकायतों की जांच सूक्ष्मता से कर रहे हैं। जमीन संबंधी शिकायतों के लिए विशेष रूप से एसआइटी का गठन किया है। जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। हर पहलू पर जांच की जा रही है।
जीपी सिंह, आइजी दुर्ग रेंज
जनवरी २०१८ में एएसपी शहर की टीम ने जेल में दबिश दी थी। मैं भी उस टीम में शामिल था। हम अलसुबह जेल पहुंच गए थे। जांच के बाद हमें वहां कुछ भी नहीं मिला। खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था।
कैलाश वर्मा, एसडीएम