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भिलाई-दुर्ग की छात्राओं के लिए खुशखबरी, 1500 रुपए में मिलेगा BBA कोर्स, जानें पूरा detail…

CG News: भिलाई जिले में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी बीबीए। यह कोर्स मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिहाज से युवाओं का काफी पसंदीदा है।

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भिलाई-दुर्ग की छात्राओं के लिए खुशखबरी, 1500 रुपए में मिलेगा BBA कोर्स, जानें पूरा detail...(photo-patrika)

भिलाई-दुर्ग की छात्राओं के लिए खुशखबरी, 1500 रुपए में मिलेगा BBA कोर्स, जानें पूरा detail...(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी बीबीए। यह कोर्स मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिहाज से युवाओं का काफी पसंदीदा है। निजी कॉलेजों में इस कोर्स की फीस 42 हजार रुपए सालाना तक है। बीबीए का यही कोर्स शासकीय कन्या महाविद्यालय दुर्ग में महज 1500 रुपए सालाना में कराया जा रहा है।

यही वजह है कि इस साल इस कोर्स की 60 सीटों में अभी तक 46 सीटें फुल हो गई हैं। सिर्फ 14 सीटें शेष बची हैं, जिनमें एडमिशन के लिए आज ही आखिरी मौका है। इस साल यहां बीबीए का रिजल्ट शत प्रतिशत आया है। भले ही, गर्ल्स कॉलेज अन्य प्रोग्राम में दिलचस्पी घटी है, लेकिन बीबीए को लेकर रुचि में इजाफा हुआ है। सीबीएसई के ऐसे छात्राएं जो महंगी फीस की वजह से बीबीए करने से वंचित हो रही थीं, उनके पास भी यह शानदार मौका है।

CG News: इंटर्नशिप करने के लिए होगा उद्योगों से करार

बीबीए में प्रवेश लेने वाले इन तमाम छात्राओं को इंटर्नशिप करने के लिए प्रदेश के अलग-अलग उद्योगों में भेजा जाएगा। इसको लेकर टॉप उद्योगों से करार भी किया जाएगा। वहीं कैंपस प्लेसमेंट की भी तैयारी शुरू है।

शुरूलग से कक्षाओं का इंतजाम किया गया है। ऐसे ही बीबीए की तालीम को बेहतर बनाने के लिए कंप्यूटर लैब की सुविधा मुहैया कराई गई है, जिसमें उन्हें जरूरी सॉफ्टवेयर दिए गए हैं।

प्रदेश का पहला बीबीए कॉलेज

दुर्ग का शासकीय कन्या महाविद्यालय प्रदेश का पहला कॉलेज है, जिसमें छात्राओं को बीबीए की पढ़ाई की सौगात दी गई है। बीबीए करने के बाद शानदार नौकरी पाने के अवसर मिले हैं। वहीं आगे एमबीए करने का विकल्प भी खुल गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने बीबीए के लिए सहायक प्राध्यापकों के दो पद भी साथ में स्वीकृत किया है। प्रयोगशाला परिचारक का एक पद भी दिया गया है।

कन्या महाविद्यालय प्रशासन ने बीबीए के इस कोर्स को पूरी तरह से अंग्रेजी भाषा में पढ़ाने का निर्णय लिया है। हालांकि हिंदी मीडियम के बच्चे भी अपनी स्वेच्छा से अंग्रेजी बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। इस साल हुए कुल प्रवेश में आधे से अधिक संख्या हिंदी मीडियम विद्यार्थियों की है, जिन्होंने अंग्रेजी बीबीए को चुना है।

सिर्फ 1500 रुपए में बीबीए

हिंदी मीडियम होने के बावजूद अंग्रेजी में हुई परीक्षा में सभी पास भी हुए। कॉलेज में बीबीए की शुरुआत के साथ ही उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज को मैनेजमेंट के दो शिक्षक दिए हैं, जो मैनेजमेंट पढे़ और उसमें पीएचडी हैं। इसका स्तर भी निजी कॉलेजों के प्रोफेसरों के समान ही है। यह शिक्षक हिंदी माध्यम कॉलेज में उन विद्यार्थियों को भी तराश रहे हैं, जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम बीबीए चुना है।

बीबीए पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम कोर्स है। इसमें हुए दाखिलाें में हिंदी मीडियम के बच्चों ने भी प्रवेश लिया है। इस साल 60 में से 46 सीटों पर प्रवेश पूरे हो गए हैं। पहले 6 सितंबर को शासकीय अवकाश था, जिसे शासन ने बदल कर 5 सितंबर का दिया है। हालांकि एडमिशन पोर्टल चालू रहेगा। छात्राएं छह सितंबर को भी आकर प्रवेश ले सकेंगी।