12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Good News: नौकरी के साथ अब कर सकेंगे बीटेक और एमटेक, BSP सहित इन कर्मियों को मिलेगा लाभ, जानें कितनी हैं सीटें

B.Tech M.Tech for Working Professionals: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी। नियमों के मुताबिक, एक बैच संचालित करने के लिए कम से कम 10 विद्यार्थियों का होना आवश्यक है।

2 min read
Google source verification
नौकरी के साथ कर सकेंगे बीटेक और एमटेक (Image Source: Chatgpt)

नौकरी के साथ कर सकेंगे बीटेक और एमटेक (Image Source: Chatgpt)

भिलाई @मोहम्मद जावेद।Good News: प्रदेश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद अब डिप्लोमा धारक कर्मचारी अपनी नौकरी जारी रखते हुए इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का आगाज़ सबसे पहले भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग से किया जाएगा।

Good News: इस प्रकार निर्धारित की गई सीटें

प्रवेश के लिए सीटें इस प्रकार निर्धारित हैं। बीटेक कुल 90 सीटें निर्धारित की है। इनमें मैकेनिकल, सिविल और कंप्यूटर साइंस ब्रांच में प्रति शाखा 30 सीटें हैं। एमटेक कुल 45 सीटें है। डेटा साइंस, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग और पावर एंड एनर्जी इंजीनियरिंग में प्रवेश दिया जाएगा। प्रदेश में कामकाजी पेशेवरों के लिए ऐसे कोर्स की मांग वर्षों से थी। उचित विकल्प न होने के कारण कई कर्मचारी अनधिकृत रूप से नियमित कोर्स करने को मजबूर थे। अब इस नई व्यवस्था से उन्हें एक वैध, पारदर्शी और सुविधाजनक शैक्षणिक मार्ग मिलेगा।

प्रोफेशनल्स के अनुसार तय होगा शेड्यूल

इस कोर्स की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी लचीली समय-सारिणी है। कामकाजी छात्रों की सुविधा को देखते हुए कक्षाएं शाम के समय या उद्योगों के शिफ्ट टाइमिंग के अनुरूप संचालित की जाएंगी, ताकि कार्य और पढ़ाई में संतुलन बना रहे।

पात्रता और अनिवार्य शर्तें

  • मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में डिप्लोमा इंजीनियरिंग।
  • न्यूनतम एक वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव।
  • अभ्यर्थी का कार्यस्थल संस्थान (बीआईटी दुर्ग) से 70 किमी के दायरे में होना चाहिए।
  • संबंधित कंपनी या उद्योग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अनिवार्य है।

इंडस्ट्री कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) सहित क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हजारों डिप्लोमा धारकों के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। डिग्री हासिल करने के बाद उन्हें पदोन्नति और करियर में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

एआईसीटीई की गाइडलाइन और प्रक्रिया

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी। नियमों के मुताबिक, एक बैच संचालित करने के लिए कम से कम 10 विद्यार्थियों का होना आवश्यक है। राज्य तकनीकी शिक्षा संचालनालय से आदेश जारी होते ही जुलाई-अगस्त के सत्र से प्रवेश शुरू होने की उम्मीद है।

डॉ. अनुप मिश्रा, प्राचार्य, बीआईटी दुर्ग के मुताबिक, एआईसीटीई की अनुमति मिलने के बाद सीएसवीटीयू ने भी वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए इन कोर्सेज को हरी झंडी दे दी है। इसी शैक्षणिक सत्र से हम इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं।