
स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल (Photo Patrika)
CG News: दुर्ग जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्राचार्यों और शिक्षकों की पदस्थापना में अफसरों की मनमानी चल रही है। हालात यह है कि सीनियरों को दरकिनार कर जूनियर और महज 8 और 9 साल के सेवाकाल वाले व्यायाताओं को नियम के विपरीत प्राचार्य का महत्वपूर्ण दायित्व सौंप दिया गया है। इसी तरह नियम विरुद्ध चहेते शिक्षकों को भी अटैच कर दिया गया है।
राज्य शासन के सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे समाधान शिविर में स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्राचार्य के पद पर नियम विरुद्ध की गई पदस्थापनाओं को लेकर शिकायत की गई है।
शिकायतकर्ता संदीप पटेल ने बताया है कि जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्राचार्य पद की नियम विरुद्ध पदस्थापना की गई है। छत्तीसगढ़ शासन की शिक्षा विभाग अंतर्गत महती योजना के तहत स्वामी आत्मानंद स्कूलों में कई प्राचार्यो के पद को नियम को दरकिनार करते हुए वरिष्ठ व्यायाताओं के जगह पर अति कनिष्ठ व्यायाता को पदस्थापना दिया गया है। इनमें ऐसे कई व्यायाता है जिनकी विभाग में सेवाकाल मात्र 8-9 साल ही हुए है, फिर भी सरकार की इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी योजना की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी दी गई है।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि दीपक नगर स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य, खहरिया स्वामी आत्मानंद के प्राचार्य और सेजस पाटन प्राचार्य के पद पर अति कनिष्ठ व्यायाता एलबी को प्राचार्य का दायित्व दे दिया गया है, जो कि नियम विरूद्ध है।
जिले के सभी स्कूलों में संलंग्नीकरण को निरस्त किया जा चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी ने खुद इसके लिए आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक 30 अप्रैल तक अध्यापन व्यवस्था के तहत किए गए सभी संलग्नीकरण निरस्त किया जा चुका है, लेकिन चहेते शिक्षकों के मामलों में यह नियम लागू नहीं किया जा रहा है। दीपक नगर आत्मानंद स्कूल में इदो व्यायाताओं का संलग्नीकरण अब तक समाप्त नहीं किया गया है।
जूनियरों को प्राचार्य बनाए जाने की शिकायत दीपक नगर में आयोजित समाधान शिविर में किया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले में प्रमाण स्वरूप आदेशों की प्रतियां सौंपकर संपूर्ण जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जुनियरों को प्राचार्य पद से हटाकर सीनियर शिक्षकों की पदस्थापना किए जाने की मांग की है।
Updated on:
18 May 2025 11:18 am
Published on:
18 May 2025 11:18 am
