
Mahadev Satta App: जिला प्रशासन ने घर आ जा संगी अभियान का असर रोजी रोटी कमाने के लिए पलायन करने वाले मजदूरों पर हुआ है, लेकिन महादेव ऐप ऑनलाइन सट्टा में लिप्त युवाओं पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और समाज सेवियों से पता चला है कि दुर्ग जिले से करीब 3 हजार युवक ऑनलाइन सट्टा में लिप्त है, जो जिले से बाहर है और इस बार वे वोट नहीं कर सकेंगे। जिला प्रशासन की पहल पर करीब 3 हजार मजदूरों ने वोट डालने के लिए आने का भरोसा दिलाया है। लेकिन जो युवक महादेव ऐप ऑनलाइन सट्टा में लिप्त है उनके कैसे लाया जाए इस पर कोई पहल नहीं हुई।
दुर्ग पुलिस ने अब तक 40 से अधिक महादेव ऐप के पैनल को ध्वस्त किया है। इसमें लिप्त करीब 200 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2 करोड़ से अधिक की राशि को बैंक आदि में फ्रीज कराई। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में लेपटॉप-टेबलेट, मोबाइल, चर्जर बैटरी और नकद राशि की जब्ती की है।
एक पार्षद ने बताया कि महादेव ऐप के मामले में ईडी जांच कर रही है। बावजूद हर घर से कोई न कोई बाहर कमाने गया है। और वह भी महादेव ऐप से जुड़ा हुआ है, उनका अचानक रहन सहन बदल गया है। ज्यादातर महादेव ऐप का मालिक सौरभ चंद्राकर के निवास स्थान मदरटरेसा के आस पास क्षेत्रों से युवक लिप्त है। नेहरु नगर, वृंदानगर, वैशाली नगर, हाउसिंग बोर्ड, छावनी पावर हाउस और खुर्सीपार से युवक बाहर हैं।
Updated on:
06 May 2024 01:29 pm
Published on:
06 May 2024 01:29 pm
