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ओंकारेश्वर-महाकाल के दर्शन की चाह में घर से निकली नाबालिग बच्चियां, बोलीं- ‘अब बिना बताए नहीं जाएंगे’, छलके आंसू

Bhilai News: ओंकारेश्वर और महाकाल के दर्शन की मासूम चाह में घर से बिना बताए निकलीं नाबालिग बच्चियां एक हफ्ते की तलाश के बाद सकुशल लौट आईं।

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नाबालिग बच्चियां। फोटो सोर्स-AI

नाबालिग बच्चियां। फोटो सोर्स-AI

CG News: ओंकारेश्वर और उज्जैन महाकाल के दर्शन की मासूम चाह में घर से बिना बताए निकलीं नाबालिग बच्चियों की यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि परिवारों की चिंता और पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है। जब बच्चियां सकुशल घर लौटीं, तो उनके मुंह से निकले शब्द ‘पापा, अब बिना बताए घर नहीं छोड़ूंगी’ सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग सहेलियां अचानक घर से निकल गईं। देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार में हडक़ंप मच गया। पहले रिश्तेदारों और आसपास खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दुर्ग पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस की, जिससे पता चला कि बच्चियां ओंकारेश्वर मंदिर और उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए गई हैं।

डिवीजनवार दस्तयाबी (1 अप्रैल 2026 से)

  • छावनी: महिला 60, पुरुष 22
  • भिलाई नगर: महिला 49, पुरुष 28
  • दुर्ग शहर: महिला 33, पुरुष 13
  • धमधा: महिला 27, पुरुष 04
  • पाटन: महिला 27, पुरुष 07

322 लोगों की दस्तयाबी अभियान का असर भी दिखने

लगा है। महज 22 दिनों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 322 महिला और पुरुषों को दस्तयाब कर उनके परिवारों से मिलाया गया है। इनमें 22 नाबालिग बच्चियां भी शामिल हैं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।

बच्चियां सुरक्षित लौटीं घर

करीब एक सप्ताह बाद बच्चियां सुरक्षित घर लौटीं। घर पहुंचते ही वे अपने माता-पिता से लिपट गईं और अपनी गलती स्वीकार की। भावनात्मक माहौल में परिवार ने राहत की सांस ली, जो कई दिनों से चिंता में डूबा हुआ था।

गुमशुदगी के मामलों में अभियान शुरू

ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने एक अप्रैल से ‘ऑपरेशन तलाश’ और ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में विशेष टीमें गठित कर पुराने गुमशुदगी मामलों की समीक्षा की जा रही है। जहां भी कोई सुराग मिलता है, वहां तुरंत टीम भेजी जाती है।

अब भी 1526 मामले लंबित

पुलिस के अनुसार, पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में गुमशुदा लोगों को खोज निकाला गया है, लेकिन अभी भी 1526 मामले लंबित हैं। इन मामलों में परिजन आज भी अपने प्रियजनों के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कैसे घर से निकल रहे बच्चे

  • पुलगांव क्षेत्र में 11 अप्रैल को दो बच्चियां बिना बताए घर से निकलकर ट्रेन से ओंकारश्वर पहुंच गईं और उज्जैन में दर्शन किए। एक सप्ताह बाद वे लौटीं।
  • एक अन्य मामले में 13 अप्रैल को एक नाबालिग बच्ची घर से निकल गई, जिसे नासिक स्टेशन पर आरपीएफ की मदद से बरामद किया गया।
  • इसी दिन तीन बच्चियां डोंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में घूमती रहीं, जिन्हें पुलिस ने स्थानीय स्तर पर ही खोज लिया।

अभिभावक रखें नजर

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बच्चियों से मुलाकात कर उन्हें समझाइश दी। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। उनका कहना है कि समय पर संवाद और सतर्कता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।