
सीएसवीटीयू ने कहा, टीचर्स की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू है, लॉकडाउन का फायदा उठाकर लीजिए सर्टिफिकेट
भिलाई@Patrika.प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय मेें शिकायत की है कि इस साल तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों ने क्लोजर का आवेदन किया है, लेकिन जो प्रोफेसर वहां कार्यरत थे, उनको वेतन अभी तक भी नहीं दिया गया। इन कॉलेजों को तीन महीने का वेतन अदा किया जाना बाकी है। कोरोना वायरस लॉकडाउन की स्थिति में ये सभी प्रोफेसर परेशान हाल हैं। भारत सरकार ने कहा है कि कोई भी संस्था लॉकडाउन की स्थिति में अपने कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकले, साथ ही उन्हें पूरा वेतन दिया जाएगा, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज संचालकों ने आदेश को हवा में उड़ाया। ( corona virus) हालांकि सीएसवीटीयू ने भरोसा दिलाया कि वे ऐसे कॉलेजों से चर्चा कर रहे हैं, ताकि उक्त प्रोफेसरों को बकाया वेतन मिल सके। बता दें कि सीएसवीटीयू के साथ ही साथ शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भी कर दी गई है।
पीएफ और ग्रेच्युटी भी अटकाई
लंबे समय से एक संस्था में कार्यरत इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसरों व सपोर्टिंग स्टाफ के लिए यह लॉकडाउन बड़ी मुसीबत बना हुआ है। एक प्रोफेसर ने बताया कि कॉलेज ने पहले तो उनकी नौकरियां ली, उसके साथ ही ग्रेच्युटी के पैसे अदा करने में भी घुमा रहे हैं। इसी तरह प्रॉवीडेंट फंड के रुपए कॉलेज के पक्ष से जमा नहीं कराए गए, जिससे उन्हें मुसीबत की इस घड़ी में पीएफ के रुपए निकालने में भी मुश्किल हो रही है।
उत्तरपुस्तिका जंचवाई, नहीं दिया मेहनताना
इंजीनियरिंग कॉलेज यूनियन ने विवि को बताया है कि कुछ कॉलेजों ने सैकड़ों टीचिंग स्टाफ से सेमेस्टर परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका जंचवाई, लेकिन उसके बदले मिलने वाले रुपए खुद हड़प गए। सीएसवीटीयू प्रशासन ने भी इस बात को मानते हुए उक्त कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। उन्हें कहा गया है कि जल्द से जल्द इन प्रोफेसरों का सभी तरह के वेतन और भत्ते अदा कर दिए जाएं।
इस साल बंद हुए तीन कॉलेज
सबसे अधिक परेशानी उन तीन कॉलेजों के प्रोफेसरों को होगी, जो इस साल बंद किए गए हैं। एक प्रोफेसर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि वह फरवरी के बाद से ही बेरोजगार बना हुआ है। कॉलेज से उसके हक के रुपए मिलने से थोड़ा ही सही मगर आसरा होता, लेकिन कॉलेज संचालक ने वह आस तोड़ दी। फिलहाल इनके जैसे तमाम प्रोफेसरों के सामने लॉकडाउन की स्थिति में पैसों की तंगी मुसीबत बनी हुई है।
आर्थिक स्थिति से जूझ रहे प्रोफेसर
बीएल महाराणा, अध्यक्ष-प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज यूनियन, छत्तीसगढ़ ने कहा है कि क्लोजर वाले कॉलेजों के साथ-साथ जो कॉलेज अभी संचालित हो रहे हैं, उनकी शिकायत की गई है। बहुत से कॉलेजों ने बीते दो माह से वेतन रोक रखा है। लॉकडाउन की स्थिति में रुपयों की दिक्कत से यह प्रोफेसर जूझ रहे हैं। हमने तकनीकी विवि को इसकी शिकायत की है।
शिकायत श्रम मंत्रालय को
डॉ. केके वर्मा, कुलसचिव, सीएसवीटीयू ने कहा है कि इसके बारे में शिकायत मिली थी, उक्त कॉलेजों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि कॉलेज किसी की सैलरी रोक रहे हैं तो वे सीधे इस मामले की शिकायत श्रम मंत्रालय को कर सकते हैं।
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Updated on:
14 Apr 2020, 10:44 PM IST
Published on:
14 Apr 2020, 10:44 PM IST
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