
Breaking News: आज की ताज़ा खबरें
ED Raid: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह भिलाई के हुडको और तालपुरी इलाके में ईडी की टीम ने दबिश दी। इस दौरान राइस मिलर सुधाकर राव के घर पर छापेमारी की गई, जहां टीम ने घंटों तक दस्तावेज खंगाले और लेन-देन से जुड़े कई अहम कागजात जब्त किए।
माना जा रहा है कि सुधाकर राव घोटाले में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। ईडी की इस कार्रवाई के बाद घोटाले में और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
भिलाई के अलावा, ईडी की टीम ने पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के तालपुरी स्थित आवास पर भी छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक, वहां से टीम ने कई डिजिटल साक्ष्य भी इकट्ठा किए हैं। खबर है कि ईडी की टीमें फिलहाल 10 जिलों में एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। यह कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपये से अधिक का माना जा रहा है। बता दें कि इस मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
इससे पहले 3 सितंबर को भी ईडी ने इस घोटाले को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर सहित कई शहरों में एक साथ रेड की थी। कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों के घरों और दफ्तरों से उस दौरान भी कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे।
इस घोटाले की जड़ें साल 2020-21 से जुड़ी हैं। पहले मिलर्स को कस्टम मिलिंग के लिए 40 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाता था। लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसे बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। यहीं से गड़बड़ी शुरू हुई। मिलर्स से 20 रुपये प्रति क्विंटल की कट मनी वसूली जाने लगी, जिन मिलर्स ने यह अवैध वसूली दी, उन्हें समय पर भुगतान किया गया। जबकि जिन मिलर्स ने पैसा देने से मना किया, उनके बिल रोक दिए गए। बता दें कि ईडी ने इस मामले में 3500 पेज का चालान कोर्ट में पेश किया है, जिसमें 35 पेज की एक समरी भी शामिल है।
ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। राज्य की राजनीति में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
Updated on:
18 Sept 2025 01:16 pm
Published on:
18 Sept 2025 01:09 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
