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छत्तीसगढ़ के 192 नगरीय निकायों में 13 जुलाई से कामकाज बंद, जानें वजह

Bhilai Strike News: 13 जुलाई से प्रदेश के 192 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में कामकाज पूरी तरह बंद रहने की चेतावनी दी गई है।

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Chhattisgarh Strike News

92 नगरीय निकायों में 13 जुलाई से कामकाज बंद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh Strike News: भिलाई नगरीय निकायों के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। नवयुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ छत्तीसगढ़ (नगरीय निकाय) के बैनर तले प्रदेशभर के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के कर्मचारी 13 जुलाई से अनिश्विचतकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। संगठन के अनुसार प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकायों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे।

हड़ताल की तैयारी को लेकर विभिन्न निकायों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। भिलाई नगर निगम में भी कर्मचारियों के बीच रणनीति तय करने का दौर शुरू हो गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो 13 जुलाई से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे नगरीय निकायों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

प्रमुख मांगें

  • ट्रेजरी के माध्यम से हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान
  • नियमित कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना
  • तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के लिए नया सेटअप और पदोन्नति
  • सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान
  • लंबित एनपीएस और जीपीएफ कटौती राशि खातों में जमा कराना।

तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त

छत्तीसगढ़ में चल रही कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार शासन से हुई सकारात्मक बातचीत के बाद समाप्त हो गई थी। इसके बाद प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट 4 जून से अपने-अपने नियमित शासकीय कार्यों पर वापस लौट आए थे।

संघ की ओर से यह निर्णय शासन स्तर पर हुई विस्तृत वार्ता के बाद लिया गया था। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया था कि 1 जून को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री और विभागीय सचिव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में हड़ताल से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और दोनों पक्षों के बीच समाधान की दिशा में सहमति बनी थी।

जल्द होगी वैधानिक कार्रवाई

वार्ता के दौरान शासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि राजापुर प्रकरण में जल्द ही वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस आश्वासन के बाद संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया था और कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की गई थी।

हालांकि, संघ ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह निर्णय पूरी तरह से शासन के आश्वासन पर आधारित है। संगठन ने चेतावनी दी थी कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो संघ स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करने पर फिर से विचार करेगा। हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक कामकाज में राहत देखने को मिली थी और विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों की गति दोबारा सामान्य हो गई थी।