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भीलवाड़ा: निमोनिया से पीड़ित 9 माह के बच्चे को भोपे ने गर्म सरिया से दागा, इलाज के दौरान हुई मौत

भीलवाड़ा जिले में अंधविश्वास के चलते 9 माह के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे को निमोनिया की शिकायत थी, लेकिन इलाज के बजाय परिजन उसे गांव के एक भोपे के पास ले गए। भोपे ने बच्चे के पेट पर गर्म सरिया रख दिया।

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Bhilwara child death

अस्पताल में इलाज के दौरान की तस्वीर (फोटो-पत्रिका)

भीलवाड़ा। शहर के निकट ईरांस गांव में अंधविश्वास की भेंट चढ़े 9 माह के बालक गोविंद बागरिया ने दम तोड़ दिया। उसे पांच दिन पहले निमोनिया की शिकायत पर भोपे ने गर्म सरिया से दाग दिया था। हालत बिगड़ने पर महात्मा गांधी अस्पताल के मातृ एवं शिशु इकाई में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। सदर थाने में भोपे के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस भोपे की तलाश कर रही है।

सदर थाना प्रभारी कैलाश बिश्नोई के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान गोविंद बागरिया (9 माह) पुत्र देवा बागरिया के रूप में हुई है। मंगलवार को बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने पर परिवारजन उसे स्थानीय भोपे के पास ले गए थे। भोपे ने अंधविश्वास में गर्म सरिया से उसके पेट पर डाम लगाया। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। गुरुवार को गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे गहन शिशु इकाई में भर्ती किया।

पुलिस कर रही भोपे की तलाश

तीन दिन तक जीवन और मृत्यु के बीच जूझने के बाद गोविंद की मौत हो गई। सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी ने पुलिस को सूचित किया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि भोपे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

चिकित्सक ने क्या कहा?

पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि बच्चे को निमोनिया था और 'डाम लगाने' से संक्रमण बढ़ गया। इस तरह की प्रथाएं इलाज नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचाती हैं। डॉ. गौड़ ने कहा कि गर्म सरिए से दागने से बच्चा शॉक में जा सकता है और आंतरिक ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।