
लूट की जानकारी पुलिसकर्मियों को देता व्यापारी (फोटो- पत्रिका)
भीलवाड़ा: शहर के शास्त्रीनगर में मंगलवार रात को लूट की बड़ी वारदात हुई। गुटखा व्यापारी पिता-पुत्र दिनभर की कलेक्शन राशि एकत्र करके रात में मोपेड से घर पहुंचे। पहले से रेकी करके घर के बाहर खड़े लुटेरों ने बेसबॉल और हथियार से उन पर हमला कर दिया।
इस दौरान 10 लाख रुपए से भरा बैग छीनकर भाग गए। वारदात से शहर में सनसनी फैल गई। लुटेरों की संख्या चार से पांच बताई जा रही है। कोतवाली पुलिस ने घटना स्थल का दौरा कर वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लुटेरों की तलाश में शहर समेत जिलेभर में नाकाबंदी कराई गई।
कोतवाली प्रभारी गजेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि शास्त्रीनगर में आदर्श विद्या मंदिर के निकट रहने वाले धर्मदास सिंधी गुटखा के होलसेल व्यापारी हैं। इनकी बाजार नंबर दो में दुकान है। धर्मदास और उनका पुत्र सुनील कुमार रात में दुकान बंद कर दो दिन की कलेक्शन राशि 10 लाख रुपए बैग में रखकर मोपेड से घर लौट रहे थे। मकान के बाहर पहले से कुछ लोग घात लगाए खड़े थे। पिता-पुत्र के वहां पहुंचते ही लुटेरों ने बेसबॉल से उन पर हमला कर दिया।
पिता-पुत्र समझते उनके साथ मारपीट कर बैग छीन लिया। पिता-पुत्र ने उनसे संघर्ष करने का प्रयास किया। धर्मदास ने शोर मचाया जबकि उनका बेटा मूक बधिर है। लुटेरे बैग छीनकर कार में भागने लगे। इस दौरान लुटेरों की कार का पीछे का धर्मदास ने शीशा तोड़ दिया। लुटेरे नकदी लेकर भाग गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आए। सूचना पर सीआई नरूका जाब्ते के साथ वहां पहुंचे।
पुलिस का मानना है कि एक लुटेरा दुकान के बाहर था। पिता-पुत्र पर निगरानी रख रहा था। दोनों के वहां से रवाना होते ही रेकी कर रहे व्यक्ति ने व्यापारी के मकान के बाहर खड़े साथियों को जानकारी दी। उसके बाद घर के बाहर खड़े लुटेरे तैयार थे।
पांच साल पूर्व भी धर्मदास के भतीजे के साथ भी दो लाख रुपए की लूट हुई थी। वहीं, सामने आया कि धर्मदास का एक रिश्तेदार नशे का आदी है। उसे पीड़ित पक्ष ने नशे की लत छुड़ाने के लिए नशामुक्ति केन्द्र भेजा था। उस समय रिश्तेदार ने भी धर्मदास को देख लेने की धमकी दी थी। पुलिस इस एंगल को भी खंगाल रही है।
पीड़ित परिवार के घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा है। उसमें घटना कैद हुई है। हालांकि, तस्वीर धुंधली है। लुटेरे सफेद रंग की कार में आए। पुलिस ने मौके से बेसबॉल के डंडे भी जब्त किए। डंडे पर रिबन बंधी थी। इसी तरह की रिबन लगे डंडे गंगरार में सड़क किनारे तलवार-चाकू बेचने वाले सिकलीगर रखते हैं। पीड़ित ने बताया कि लुटेरों के पास पिस्टल भी थी। पिस्टल से धमकाया भी।
Updated on:
3 Sep 2025, 1:58 PM IST
Published on:
3 Sep 2025, 1:58 PM IST
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