
200 बीघा खेत पानी में डूबे (फोटो- पत्रिका)
भीलवाड़ा: कोटड़ी उपखंड क्षेत्र के सबसे बड़े कोठारी बांध के सिंचाई क्षेत्र ककरोलिया घाटी ग्राम पंचायत क्षेत्र के हस्तेडा और हस्तिनापुर गांव के किसान बारिश से खासे परेशान हैं। काश्तकार दोहरी मार झेल रहे हैं।
एक तो बेमौसम बारिश ने खरीफ की कटी हुई फसल को बर्बाद कर दिया। बाकी सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारियों की उदासीनता के चलते रबी की फसल के लिए तैयार खेत और बुवाई किए हुए बीज पानी में डूब गए। उसका कारण यह है कि सिंचाई विभाग द्वारा समय पर नहरों की सफाई नहीं कराने से बारिश का पानी खेतों में भर गया है।
बुधवार को खेतों में पानी भरने की सूचना पर कोठारी बांध जल वितरण समिति के अध्यक्ष गोपाल भंडारी और प्रशासक कमलेश जाट ग्रामीणों के साथ मौके पर खेतों में पहुंचे। यहां खेतों में भरे पानी को देखकर दंग रह गए। अध्यक्ष भंडारी ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते किसानो के खेतों में हकाई जुताई के लाखों रुपयों का नुकसान हो गया है।
नहरों में जगह-जगह मिट्टी और पत्थरों के अवरोध लगे हुए हैं। नहरें टूटी होने से बारिश का पानी आगे नहीं जाकर खेतों में भर गया है। विभाग की ओर से लेबर लगाकर नहरों की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब सिंचाई विभाग नहरों की सफाई करवाए बिना बांध का पानी छोड़ने पर आमादा है। अध्यक्ष भंडारी ने चेतावनी दी है कि आगामी बैठक में नहरों की सफाई करवाए बिना पानी नहीं छोड़ने की बात रखी जाएगी। यदि विभाग सुनवाई नहीं करता है तो क्षेत्र के किसान आंदोलन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस बांध से जालिया, नंदराय और ककरोलिया घाटी ग्राम पंचायतों की हजारों बीघा जमीन सिंचित होती है। करोड़ों के बजट के बावजूद टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच पाता है, जिसके कारण किसानों में आक्रोश है। इस दौरान कमलेश जाट, मथुरालाल जाट, सुवालाल जाट, अमरचंद जाट और जगदीश जाट सहित कई गांवों के किसान मौजूद रहे।
Updated on:
30 Oct 2025 11:48 am
Published on:
30 Oct 2025 11:48 am
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