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Kavita Bheel : मजदूर की बेटी कविता भील 100 KMPH की रफ्तार से फेंकती है गेंद, राजस्थान क्रिकेट टीम में हुआ चयन

Kavita Bheel : अरावली की दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे बदनोर क्षेत्र के छोटे से गांव 'खेडेला' में एक मजदूर मां-बाप की बेटी कविता भील 100 KMPH की रफ्तार से क्रिकेट की गेंद फेंकती है। कविता भील स्पीड देख लोग चकित रह जाते हैं। उसकी उम्र अभी सिर्फ 14 वर्ष है। अपने हुनर के दम पर कविता भील का चयन राजस्थान क्रिकेट टीम में हो गया है। जिससे पूरा गांव खुश है।

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Bhilwara Village Khedela labourer daughter Kavita Bheel 100 KMPH speed throw bowls Selected in Rajasthan cricket team

गांव 'खेडेला' में कविता भील की मदद को पहुंचे समाजसेवी। फोटो पत्रिका

Kavita Bheel : भीलवाड़ा. अरावली की दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे बदनोर क्षेत्र के छोटे से गांव 'खेडेला' की पगडंडियों पर दौड़ती एक छात्रा ने अब कोलकाता के बड़े क्रिकेट मैदानों में अपनी रफ्तार का लोहा मनवाया है। पिता हरिलाल और मां मीरा देवी गुजरात-महाराष्ट्र में कुएं खोदकर परिवार पाल रहे हैं, तो वहीं 14 वर्षीय बेटी कविता भील ने पत्थरों को चीरकर निकलने वाली अपनी तेज गेंदबाजी से भविष्य की नई इबारत लिख दी है।

हवाई जहाज में बैठ पूरा किया सपना

कविता गांव की पहली ऐसी बेटी है, जिसने अपने हौसलों की बदौलत हवाई जहाज में बैठने का सपना पूरा किया। राजस्थान टीम का हिस्सा बनकर जब वह कोलकाता से लौटी, तो बदनोर कस्बे ने पलक-पावड़े बिछाकर उसका जोरदार स्वागत किया।

समाजसेवी बने सहारा, हर माह मिलेगी मदद

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रकाश चंद्र चौधरी की प्रेरणा से कई भामाशाह इस होनहार खिलाड़ी की मदद को आगे आए हैं। शनिवार को मुंबई प्रवासी समाजसेवी मनोज नाहटा खेडेला गांव पहुंचे और कविता के खेल के प्रति समर्पण को देख प्रभावित हुए। नाहटा ने कविता की डाइट और अन्य खचों के लिए हर माह 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, ताकि उसकी प्रैक्टिस में कोई बाधा न आए।

कुएं खोदने वाले पिता, सपनों को संवारती बेटी

कविता का बचपन अभावों के बीच बीता है। पिता-माता की गैरमौजूदगी में वह अपनी दादी के पास रहकर पढ़ाई (दसवीं कक्षा) और घर के कामकाज संभालती हैं। दिनभर मेहनत-मजदूरी के बाद भी क्रिकेट के प्रति उसका जुनून कम नहीं हुआ। घर के पास उबड़-खाबड़ टीलों पर की गई प्रैक्टिस ने उसे एक धाकड़ गेंदबाज बना दिया है।

कोच मनोज सुनारिया बताते हैं कि तीन साल की कठिन मेहनत का ही परिणाम है कि आज कविता 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने में सक्षम है।

कीर्तिमानों की झड़ी

कविता की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह लगातार अपनी छाप छोड़ रही है:
मई 2024 : वुमंस टूर्नामेंट में 3.5 ओवर में 20 रन देकर 5 विकेट।
अक्टूबर 2024 : आसींद में खेले गए टूर्नामेंट में 4 ओवर में 20 रन देकर 5 विकेट झटके।
राज्य स्तरीय सफलता : 2023 में उदयपुर, 2024 में राजसमंद और 2025 में बांसवाडा में शानदार प्रदर्शन के बाद वर्ष 2026 में राजस्थान टीम में चयन हुआ और वह कोलकाता खेलने पहुंची।