डॉक्टरों की हड़ताल के छह दिन बीत जाने के बाद जिले की चिकित्सा व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही है। सरकार की अपील के बावजूद निजी डॉक्टर काम करने को आगे नहीं आए है। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल और मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में दैनिक आधार पर एक भी डॉक्टर मरीजों को देखने नहीं आया है। जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल में 25 आयुष और 19 मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स आउटडोर और वार्ड में भर्ती मरीजों को संभाल रहे है, ये व्यवस्था शनिवार को भी रही।