
Faucet connection case to entrepreneurs in bhilwara
भीलवाड़ा ।
रीको ग्रोथ सेन्टर में 14 उद्यमियों को नल कनेक्शन जारी करने के मामले में एक नया मौड़ सामने आया है। पीने के पानी के लिए उद्यमियों ने रीको में राशि जमा नहीं कराने के शपथ पत्र दिए हैं जो केवल पत्रिका के पास है। पाइप लाइन बिछाने के काम लगे ठेकेदार के कर्मचारी मनोहरलाल दरोगा ने पत्रिका को बताया कि 14 उद्यमियों की ओर से राशि उसने रीको में जमा कराई थी।
यह राशि स्वयं उद्यमियों ने दी है। जबकि उद्यमियों का कहना है कि कर्मचारी रोड लाइटों के रख-रखाव के काम के बदले दो से पांच हजार रुपए का खर्चा मांग कर ले गया था। अब सवाल यह है कि रीको ने उद्यमियों के बिना आवेदन तथा किसी कर्मचारी के कहने पर यह रसीदें एक ही दिन में क्यों काटी? इसकी सच्चाई जानने पर यह बात सामने आई कि तत्कालीन क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक ने वर्ष 2010 ग्रोथ सेन्टर को आनन-फानन में डवलप क्षेत्र घोषित करना चाहते थे।
इसके चलते यह फर्जी कनेक्शन कागजों में जारी किए गए। रीको के क्षेत्रीय अधिकारी जेपी शर्मा का कहना है कि ग्रोथ सेन्टर को 31 जुलाई 2010 को विकसित घोषित किया था। जबकि 1998 में ही ग्रोथ सेन्टर में रोड बन गई थी। करीब 12 साल में रोड भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसे मेन्टेन करने के लिए सभी से सर्विस चार्ज ले रहे हैं।
कर्मचारी मनोहरलाल ने शर्मा के सामने दावा किया कि ग्रोथ सेन्टर में बनी गई टंकी को भरने के लिए बनास किनारे दो कुएं थे। उसमें से एक ढह गया तथा दूसरे पर ट्रांसफार्मर लगाकर पानी की आपूर्ति की गई थी। पाइप लाइन भी डाली गई थी। लेकिन बिजली केबल डालने के दौरान कई जगह से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते कई उद्योगों को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। कुएं पर लगे ट्रांसफार्मर भी बार-बार चोरी हो जाते थे। इसके चलते पानी की आपूर्ति बन्द कर दी थी। मनोहर लाल ने स्वीकार किया कि उसने ही उद्यमियों से नल कनेक्शन के लिए दो से पांच हजार तक की राशि ली थी।
ग्रोथ सेन्टर की स्थिति
525 कुल भूखण्ड
462 उद्यमियों को भूखण्ड आवंटित
218 उद्योग में हो रहा उत्पादन
10 हजार श्रमिक कार्यरत
एक ही दिन जमा कराई थी राशि
जेपी शर्मा ने बताया कि नल कनेक्शन के लिए सभी उद्यमियों को पत्र लिखे थे। कनेक्शन के लिए 15 मार्च 2011 को रसीद बुक संख्या 14717 के रसीद नम्बर 79 से 93 तक 426 रुपए से लेकर 626 रुपए तक की नकद राशि की रसीदे कांटी थी। रसीद स्वास्तिक एलॉइज, इन्टेक इण्डिया र्ओगेनिक, फरफेक्ट इंजिनियरर्स, हरे कृष्णा अलूम एण्ड केमिकल्स, कस्तूरी प्रा. लि, तिरूपति इण्डस्ट्रीज, राठी इण्डस्ट्रीज, शर्मा सिमनेट जाली उद्योग, अनिरूद्ध टेक्सचेम प्रा. लि., नर्बदा मसाला उद्योग, चेयरमैन प्रोसेर्स लि., श्री नाकोड़ा इन्फ्रास्टील प्रा.लि., सर्वोदय सूटिग लिमिटेड, फिजा इंजिनियरिंग वक्र्स के नाम से कांटी गई थी।
Published on:
21 Jun 2018, 2:16 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.