
Innocent fired hot bars in bhilwara
भीलवाड़ा।
अंधविश्वास के चलते लोग मासूमों को मौत के मुंह में डालने से नहीं चूक रहे हैं। इस विज्ञान प्राद्योगिकी और कंप्यूटर के युग में भी हम इन सब चीजों पर विश्वास कर दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। ऐसी ही घटना करेड़ा़ थाना क्षेत्र के उन्हाली का बाड़िया गांव में हुई जहां पेट में आफरा आने पेट बड़ा हो जाने पर उसके परिजन मासूम को अस्पताल ले जाने के बजाय एक धर्म स्थल पर ले गए। जहां निर्दयी भोपे ने एक साल के मासूम को गर्म—गर्म सलाखों से दाग कर डाम लगा दिया। जब मासूम की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाए। मासूम की हालत नाजुक बताई जा रही है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने बताया कि करेड़ा थाना सर्किल के उन्हाली का बाड़िया निवासी नारायण लौहार के एक साल के मासूम बेटे शानू के पेट में आफरा आने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। शानू को उसकी मां धापू एक धर्म स्थल पर ले गई। जहां भोपे मोहन सिंह ने दर्द से कहराते मासूम को गरम—गरम लोहे की सलाखों से पेट पर दाग कर डाम लगा दिया। इसके बाद मासूम की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई।
दो दिन तक घर में रखने के बाद जब मासूम की ज्यादा तबियत बिगड़ी को परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां बालक की हालत नाजुक बनी हुई है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. त्रिवेदी ने पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि पूर्व में भी जिले में मासूमों को डाम लगाने की घटनाएं हो चुकी है। जिसमें बच्चों की जान पर बन आई। इन घटनाओं के बाद भी पुलिस प्रशासन इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रहा है।
Published on:
08 Jun 2018 02:34 pm
