
मातृकुंडिया देगा मेजा बांध को सहारा
मातृकुंडिया बांध मानसून की शुरूआती बारिश में ही लबालब हो गया है। ऐसे में 27 फीट की क्षमता के बांध में 22.50 फीट पानी आते ही चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ गई। गुरुवार दोपहर में बांध के दो गेट खोल दिए गए। वही बांध का पानी मेजा फीडर से भी मेजा बांध के लिए छोड़ दिया गया। एक मायने में मेजा बांध को भीलवाड़ा की जीवन रेखा भी कहा जाता है। मातृकुंडिया बांध का पानी आने से 25 फीट क्षमता मेजा बांध का जलस्तर भी पांच से दस फीट तक बढ़ सकता है।
राजसमंद के नंदसमंद बांध से पानी की आवक के चलते चित्तौड़गढ़ में राशमी उपखंड का मातृकुंडिया बांध लबालब हो गया है। बांध का जलस्तर 22.50 फीट होने पर गुरूवार दोपहर 12.15 बजे मातृकुंडिया बांध के दो गेट 10,10 सेमी तक खोले गए। बांध का पानी बनास नदी के साथ ही मेजा फीडर में छोड़ा गया। बांध का पानी मेजा फीडर में दोपहर 1.15 दोपहर बजे छोड़ा गया। बांध के गेट खोले जाने के वक्त बड़ी संख्या में मौजूद लोग भी खुशी से झूम उठे।
इस मौके पर राशमी उपखंड अधिकारी नीता वसीटा, तहसीलदार विजय कुमार रेगर, जल संसाधन विभाग भीलवाड़ा के अधिशासी अभियंता सीएल कोली, सहायक अभियंता ऋषिकेश गुर्जर, मातृकुंडिया के कनिष्ठ अभियंता धीरज बेनीवाल,सुरेश बिजलियां, सहित बड़ी संख्या में प्रबृद्धजन मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता कोली ने बताया कि मातृकृंडिया बांध की भराव क्षमता 27 फीट है। अभी 22.50 फीट जलस्तर है। बांध के कुल 52 गेट है। इनमें दो गेट खोले है। नंदसमंद बांध से पानी की आवक जारी रहने तक बांध के गेट खुले रहेंगे। मेजा फीडर से छोड़ा गया पानी करीब 50 घंटे बाद भीलवाड़ा जिले के मेजा बांध में पहुंचना शुरू हो जाएगा।
Published on:
13 Jul 2023, 9:38 PM IST
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