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भीलवाड़ा से गुजर रही कोठारी नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट, सवा लाख पौधे लगेंगे

-राजस्थान पत्रिका की मुहिम का असर -कोठारी नदी के किनारों से हटेंगे अतिक्रमण -साढ़े 6 किलोमीटर लम्बाई तक नदी के किनारों पर फेसिंग एवं ग्रीन पट्टिका विकसित करने के लिए कार्यादेश जारी

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भीलवाड़ा से गुजर रही कोठारी नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट, सवा लाख पौधे लगेंगे

भीलवाड़ा से गुजर रही कोठारी नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट, सवा लाख पौधे लगेंगे

कानाराम मुण्डियार

भीलवाड़ा.

टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा से गुजर रही कोठारी नदी पर रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। नगर विकास न्यास भीलवाड़ा ने कोठारी नदी के विकास को ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया है। प्रथम चरण में कोठारी नदी के किनारों से अस्थाई अतिक्रमण हटाकर हाथों-हाथ फेंसिंग की जाएगी। साथ ही नदी के करीब साढ़े 6 किलोमीटर की लम्बाई में सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद न्यास नदी पर रिवर फ्रंट विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उम्मीद है कि न्यास की इस कार्ययोजना से कोठारी नदी का स्वरूप सुधरेगा और भीलवाड़ा शहरवासियों को बड़ा तोहफा मिलेगा।

जिला कलक्टर आशीष मोदी ने गत दिनों न्यास व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कोठारी नदी के मौका हालात देखे थे। उसके बाद नगर विकास न्यास एवं तहसील के अधिकारियों के दल ने नदी के जमीन का सीमांकन किया। नदी की चौड़ाई व सीमा में आने वाले अस्थाई अतिक्रमण चिह्नित किए गए। यूआईटी विशेषाधिकारी व कार्यवाहक सचिव रजनी माधीवाल के अनुसार कोठारी नदी के किनारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अन्तिम रूपरेखा तैयार कर ली गई हैं। न्यास के दल ने नदी किनारों पर अस्थाई कब्जा कर बैठे लोगों को स्वत: ही अतिक्रमण हटाने के लिए समझाइश की है। जो अतिक्रमण नहीं हटेंगे, उनको 19 दिसम्बर को पुलिस बल की मौजूदगी में हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे आगे बढ़ेगा कोठारी नदी का रिवर फ्रंट-

प्रथम चरण:

-19 दिसम्बर से अतिक्रमण हटाए जाएंगे और हाथों-हाथ फेसिंग होगी।

-जोधड़ास पुलिए से सांगानेर तक करीब साढ़े 6 किलोमीटर की लम्बाई में सवा लाख पौधे लगाकर ग्रीन पट्टिका विकसित होगी।

-फेंसिंग व ग्रीन पट्टिका विकसित करने के लिए कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।

द्वितीय चरण :

-साढ़े 6 किलोमीटर की लम्बाई में रिवर फ्रंट बनेगा। किनारों पर पाथ वे बनेगा, नालों का पानी नदी में जाने से रोका जाएगा। (इसके लिए डीपीआर को अन्तिम रूप दिया जा रहा है)

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा-

गौरतलब है कि कोठारी नदी की दुर्दशा एवं लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर राजस्थान पत्रिका ने गत दिनों शृंखलाबद्ध समाचार प्रकाशित किए थे। पत्रिका की खबरों के आधार पर शहर के जागरूक लोगों ने नदी को बचाने के लिए एनजीटी में परिवाद भी दायर किया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कोठारी नदी को बचाने के प्रयास शुरू किए गए। राजस्थान पत्रिका ने अपनी खबरों में यह बताया कि किस तरह कोठारी नदी का गला घोंटा जा रहा है, यदि जल्द प्रयास शुरू नहीं किए गए तो नदी नाले के रूप में बदल जाएगी।

इनका कहना है-

कोठारी नदी के किनारों से अतिक्रमण हटाकर फेंसिंग की जाएगी। दोनों तरफ साढ़े 6 किलोमीटर लम्बाई तक सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके बाद रिवर फ्रंट बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगे।

-रजनी माधीवाल, विशेषाधिकारी व कार्यवाहक सचिव, नगर विकास न्यास

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