अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान में 7.35 करोड़ लोगों के आधार कार्ड बने हुए हैं, जो कुल संभावित आबादी का 92 प्रतिशत है। जिन लोगों ने दस वर्ष के भीतर आधार अपडेट कराया है, उन्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइएडीआई) ने सभी राज्यों को पत्र भेजा है और इसी आधार पर डीओआइटी ने भी लोगों को इसके लिए जागरुक करने के लिए निर्देश दिए हैं।