
माण्डल विधानसभा को चम्बल परियोजना से जोडऩे को डाली जा रही पाइप लाइन पर भी विवाद
माण्डल।
भीलवाड़ा-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग को सिक्स लेन बनाने के लिए अवाप्त भूमि के मुआवजे को लेकर बवाल के बाद अब माण्डल विधानसभा को चम्बल परियोजना से जोडऩे को डाली जा रही पाइप लाइन पर भी विवाद हो गया है। पेयजल लाइन के लिए अवाप्त भूमि के सीमांकन के बावजूद भूमि मालिक आपस में उलझ गए हैं। सोमवार को भी अवाप्त भूमि के सीमांकन को लेकर ग्रामीण आपस में उलझे थे।
सूचना पर मांडल चौकी पुलिस व चम्बल परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को शांत किया। लाइन डालने के लिए जिन दुकानदारों की भूमि अवाप्त की वो अपनी शेषनाम मात्र की जगह को बचाने की मशक्कत कर रहे हैं। जबकि इन दुकानदारों के ठीक पीछे रहने वाले ग्रामीण फ्रंट पर आने के लिए उन दुकानदारों की शेष बची जमीन को खुर्दबुर्द करने पर आमदा हैं। कई जगह पर भूमि अवाप्त के बाद भी नाममात्र की भूमि पर बने भवन को गिरा कर आगे आने के लिए अधिकारियों व प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
परियोजना के अधिशाषी अभियन्ता अरूण ऐरन ने बताया कि राजमार्ग के बीच में 28 से 30 मीटर की दूरी पर चम्बल परियोजना को जोडऩे के लिए लाइन डाली जानी है। रविवार को भी ग्रामीणों में झगड़ा हो गया था। जिस पर उपखण्ड अधिकारी सीएल शर्मा व थाना प्रभारी दिनेश कुमावत मौके पर पहुंचे तथा दूरी को नाप कर दोनों पक्षों में समझाइश कराई।
संयम रखे ग्रामीण
पाइप लाइन के लिए जिन लोगों की भूमि अवाप्त की गई है उनको मुआवजा राशि मिल रही है। जो बच गए हैं उन्हें भी शीघ्र ही मुआवजा राशि दिलाएंगे। कार्य नियमानुसार हो रहा है। ग्रामीण संयम रखे।
सीएल शर्मा, उपखण्ड अधिकारी, माण्डल
Published on:
01 Jan 2018 10:27 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
