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उतर गया पुलिस का डर… अब दिन में ही दौड रहे बजरी से भरे वाहन

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भीलवाड़ा

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Mahesh Kumar Ojha

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Updated: 20 Nov 2018, 2:05 AM IST

They are not afraid of the police..... carrying sand openaly

They are not afraid of the police..... carrying sand openaly

भीलवाड़ा।

बजरी पर रोक के बावजूद माफिया चांदी कूट रहे है। बेखौफ हुए माफिया रात दूर दिन में ही बजरी खाली करते देखे जा सकते है। इसका कारण पुलिस की ढिलाई है। सख्ती नहीं होने से बजरी का अवैध दोहन किया जा रहा है। शहर के निकट मंगरोप में बनास नदी से दोहन करके बजरी शहर में सप्लाई की जा रही है। सख्ती के कारण माफिया रात में बजरी खाली करते है। लेकिन अब पुलिस की ढिलाई के कारण दिन में ही बजरी खाली होते हुए ट्रैक्टरों को देखा जा सकता है।

मनमाफिक ले रहे दाम

रोक के कारण बजरी के दाम भी माफियों ने आसमान पर पहुंचा दिए। माफिया मनमाफिक राशि ले रहे है। बजरी का ट्रैक्टर खाली करने के लिए पांच से छह हजार रुपए तक ले रहे है। मजबूरन लोगों को राशि देनी पड़ रही है। जितनी दूरी अधिक उतनी राशि ज्यादा ली जा रही।

सरकारी निर्माण के लिए कार्यों पर भी पहुंच रही

निजी निर्माण कार्य पर ही नहीं सरकारी कार्यों पर भी बिना रोकटोक के बजरी पहुंच रही है। शहर के कई स्थानों पर बजरी के ढेर देखे जा सकते है।

अंधाधुंध दौड़ाते वाहन

पुलिस के डर से बजरी से भरे ट्रैक्टर को चालक अंधाधुंध दौड़ाते है। दुर्घटना की चिंता ही नहीं। भले ही सड़क पर बच्चे ही क्यों ना खेल रहे। कई बार बजरी से भरे ट्रैक्टर से हादसे हो चुके है। कुछ की तो जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद इन पर अंकुश नहीं लगाया गया।

एस्कॉर्ट कर रखते निगरानी

ट्रैक्टर के आगे और पीछे मोटरसाइकिल पर कुछ लोग चलते है। वह पुलिस पर निगरानी रखते है। पुलिस की गाड़ी दिखते ही चालक को फोन करके वाहन को सुनसान इलाके में खड़ा करवा देते। पुलिस के नहीं मिलने पर ट्रैक्टर निर्माणस्थल तक पहुंचा दिया जाता है।