
विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस मामलात) ने डोडा चूरा तस्करी के मामले में तीन जनों कोचार-चार साल की सजा सुनाई
भीलवाड़ा।
विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस मामलात) न्यायाधीश विक्रांत गुप्ता ने डोडा चूरा तस्करी के मामले में गुरुवार को तीन जनों को दोषी मानते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई। वहीं 40-40 हजार रुपए जुर्माने के आदेश दिए। सजा पाने वालों में बलवंतनगर (बेंगू) निवासी कमलेश धाकड़, शोभालाल धाकड़ तथा लाभचंद धाकड़ शामिल है।
प्रकरण के अनुसार 24 जुलाई 2015 को कोटड़ी पुलिस गश्त करते हुए सवाईपुर रोड पर तालाब के निकट नाकाबंदी शुरू की। देवरिया की तरफ से वैन आई। वाहन में तीन जने थे। पुलिसकर्मियों को देखकर चालक वापस वैन घूमाकर जाने लगा। शंका होने पर पुलिसकर्मियों ने पीछा कर घेराबंदी कर वाहन रूकवा लिया। चालक से पूछताछ की तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी पर उसमें एक कट्टे में 20 किलो डोडा चूरा भरा मिला। पूछताछ में नाम कमलेश, शोभालाल व लाभचंद धाकड़ बताया।
तीनों को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक प्रदीप अजमेरा ने अभियुक्तों के खिलाफ 52 दस्तावेज और 17 गवाह पेशकर आरोप सिद्ध किया। तीनों को चार-चार साल की सजा सुनाई।
रेलवे अण्डर ब्रिज में पानी भरने के मामले में न्यायालय में हुई सुनवाई
स्थाई लोक अदालत में रेलवे अण्डर ब्रिज में पानी भरने की समस्या को लेकर एडवोकेट लादू लाल तेली द्वारा जिला कलेक्टर, नगर परिषद, नगर विकास न्यास व रेलवे विभाग के विरूद्ध पेश किये परिवाद की सुनवाई हुई। जिसमें नगर परिषद व नगर विकास न्यास की ओर से न्यायालय में जवाब प्रस्तुत कर अपना पक्ष रखा। उक्त मामले में नगर विकास न्यास की ओर प्रस्तुत जवाब में परिषद को रख रखाव हेतू जिम्मेदार बताया। वही नगर परिषद ने अपने द्वारा प्रस्तुत जवाब में रेल्वे विभाग को जिम्मेदार बताते हुये रेलवे को निर्माण हेतू 68,64,540/-रूपये जिसमें 17,17,034/-रूपये रख रखाव देना बताया। मामले की आगामी सुनवाई रेलवे विभाग द्वारा जवाब हेतू 15 नवम्बर 2017 को नियत की गई।
एडवोकेट लादू लाल तेली द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत परिवाद में बताया कि रेलवे अण्डर ब्रिजो में भी पानी भर जाने से आमजनता को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा हैं। रेलवे अण्डर ब्रिजो के रास्ते अवरूद्ध होने से आमजन नियमो व जान की परवाह किये बगेर जान को जोखिम में डाल कर हजारो की सख्या में रेलवे पटरिया पार कर रहे हैं। जिससे हर समय दुघर्टनाओ की आशंका बनी रहती हैं। इसी के साथ लम्बे समय तक रेलवे अण्डरब्रिजो में पानी भर जाने से रेलवे पटरियो के कमजोर होकर नुकसान व दुघर्टनाओ की सम्भावनाए भी बनी हुई हैं। ज्ञात रहे की भीलवाडा शहर में स्थित अधिकांश रेल्वे अण्डर ब्रिजो में थोडी सी बारिस होते ही अण्डर ब्रिजो में पानी भर जाने से हजारो लोगो का आवागमन बाधित हो जाता हैं।
Published on:
26 Oct 2017 07:09 pm
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