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50 लाख का पैकेज छोड़ एक्टिंग को चुना, जेब में बस टिकट खरीदने तक के पैसे नहीं बचते थे

एक्टर सानंद वर्मा फिल्म शूटिंग के लिए आए भोपाल
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भोपाल। मैंने जीवन में बहुत स्ट्रगल किया है। मैं कॉर्पोरेट सेक्टर में 50 लाख सालाना सैलरी का जॉब करता था। सभी को लगता था कि इसकी जिंदगी तो सेट हो गई। मैं नौ साल तक नौकरी करता रहा, लेकिन मुझे लगता था कि मैं जॉम्बी जैसी जिंदगी जी रहा हूं। मुझे तो ये काम करना ही नहीं था। एक दिन मैंने जॉब छोडऩे का फैसला कर लिया। यह कहना था 'भाभी जी घर पर हैं' फेम एक्टर सानंद वर्मा का। वे इन दिनों भोपाल में एक फिल्म की शूटिंग करने आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे एक चांस के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ी, मेरे पास टैक्सी या ऑटो में सफर करने के पैसे तक नहीं होते थे। मैं कई किलोमीटर पैदल चलकर ऑडिशन देने जाता था ताकि ट्रेन में धक्के ना खाना पड़े।

ईएमआई नहीं भर पाया तो कार बेचना पड़ी
सानंद का कहना है कि नौकरी छोड़े के बाद घर की ईएमआई भरने के पैसे तक नहीं बचे थे, इस कारण कार बेचनी पड़ी। उन्होंने कहा कि मैं सीरियल की तरह जिंदगी में भी उतना ही बिंदास हूं, क्योंकि मैं हर काम को इतना जुनून से करता हूं कि लोग पगलेट समझने लगते। जब अनोखेलाल सक्सेना के रोल के लिए डायरेक्टर, एक एक्टर सर्च कर रहे थे तो उन्हें मुझसे बड़ा पगलेट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आप जीवन में हर तरह के काम कर लेंगे तो ऑनकैमरा रोल करने में आसानी होगी।

बचपन में पिता के साथ खेत में करता था काम
उन्होंने कहा कि मैं 7 की उम्र में पिता के साथ खेत में काम करता था। काम के बाद शाम को पढ़ाता था और अगले दिन पेपर देने जाता था। मैंने बुक स्टॉल पर किताबें भी बेचीं। 40-50 किलो का गठ्ठा उठाकर कई किलोमीटर चलता था, मैंने अपना बचपना तो जिआ ही नहीं। जब बढ़ा हुआ तो अखबार में रिर्पोटिंग भी की। आज भी मैं अपना बर्थ डे सेलिब्रेट नहीं करता। सेट पर डरता हूं कि लोगों को कहीं पता न चल जाए कि मेरा बर्थ डे है।