
एमपी के नगर निकायों में एरियर को लेकर असंतोष- demo pic
Arrears-मध्यप्रदेश में सरकारी अमले में वेतन और एरियर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों, अधिकारियों में इन मुद्दों पर आक्रोश पनप रहा है। खासतौर पर प्रदेश के नगर निकायों में यह स्थिति देखी जा रही है। बुंदेलखंड हो या महाकौशल, सभी जगह नगर पालिकाओं, नगर परिषदों के कर्मचारी अधिकारी वेतन व एरियर को लेकर परेशान हैं। यहां तक कि राजधानी भोपाल के नगर निगम में भी यही स्थिति है। इन मुद्दों पर नगर निकायों के कर्मचारियों, अधिकारियों का गुस्सा इतना बढ़ चुका है कि वे आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं।
भोपाल नगर निगम के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। निगम के सफाई कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारियों को एरियर की दरकार है। अलग अलग ग्रेड के अनुसार कर्मचारियों को 16000 से 22000 रुपए तक की एरियर राशि देय है।
कर्मचारियों के इस मामले में कांग्रेस भी उनके पक्ष में सड़क पर उतर आई है। कांग्रेस नेताओं ने वेतन और एरियर को
कर्मचारियों का हक़ बताते हुए इसके लिए आंदोलन की बात कही है। इस संबंध में अपर आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा और स्पष्ट कहा कि जल्द ही एरियर नहीं दिया तो कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन और घेराव करेगी।
प्रदेश के कई अन्य नगर निकायों में भी समय पर वेतन और लंबित एरियर देने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। 11 महीनों से एरियर का इंतजार कर रहे छतरपुर नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों का रोष बढ़ रहा है। पिछले माह मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपने के बाद भी बमुशिकल उन्हें एक किस्त के भुगतान का वादा किया गया। कुल 3 किस्तों में एरियर भुगतान की बाद अधिकारियों ने कही है।
नगर निकायों के कर्मचारियों का कहना है कि एरियर का भुगतान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार और श्रम विभाग ने पहले ही आदेश जारी कर दिए थे। प्रदेश के कई नगर निकायों में इसका भुगतान किया भी जा चुका है लेकिन कुछ नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों में आज तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है।
इसी क्रम में नरसिंहपुर में भी नगर पालिका कर्मियों की हड़ताल चालू हो गई है। वेतन-एरियर भुगतान को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। इसका नागरिक सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले समय पर वेतन भुगतान, लंबित एरियर और नियमितीकरण की मांग को लेकर नगरपालिका नरसिंहपुर के कर्मचारी बुधवार को आंदोलन पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से वेतन भुगतान में हो रही देरी और एरियर लंबित रहने की समस्या से जूझ रहे हैं। इन मांगों को लेकर कलेक्टर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
आंदोलन के तहत नगरपालिका कार्यालय के सामने धरना दिया जा रहा है। साथ ही मांगों को जनमानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से कर्मचारियों ने वाहन रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। यह वाहन रैली नगरपालिका परिसर से शुरू होकर बाहरी मार्ग से स्टेशनगंज पहुंची, वहां से मुख्य मार्ग होते हुए खैरी नाका तक गई और पुनः धरना स्थल पर समाप्त हुई। करीब 50 दोपहिया वाहनों की इस रैली में कर्मचारियों ने मिनी साउंड बॉक्स के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। धरना स्थल पर नगरपालिका के सामने टेंट लगाकर कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नगरपालिका नरसिंहपुर के कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल का असर अब नगर की मूलभूत सेवाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते नगर की सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना को लेकर नागरिकों में चिंता देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है।
Published on:
17 Dec 2025 02:58 pm
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