
सीसीटीवी फुटेज चेक करते पुलिसकर्मी
खुद का नाम नीतेश यादव बताकर गार्ड से मिला
जांच में सामने आया कि बुधवार को बैंक में सबसे पहले प्रवेश करने वाले लुटेरे ने गार्ड जगन्नाथ कुशवाहा को खुद का नाम नितेश यादव बताया था। गार्ड से चेकिंग करवा कर चैनल गेट खुलवाया और ब्रांच के अंदर गया था। ऐसे ही हुलिए का युवक 18 मार्च को भी बैंक में पहुंचा था। उसने बैंक से लोन के बारे में जानकारी ली थी। पुलिस को आशंका है कि संभवत: लोन की जानकारी के बहाने वह बैंक की रैकी कर गया होगा। उस दिन वह अकेला ही आया था। आशंका है कि उसने अपना नाम भी गलत बताया होगा।
पुलिस के मुताबिक विक्रांत राजवैद्य फेड बैंक फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड (फास्ट गोल्ड लोन) इंद्रपुरी शाखा में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 9:30 बजे रोजाना की तरह आकर ब्रांच खोली। उस समय बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर जितेन्द्र दुबे, दीपक अहिरवार भी मौजूद थे। बाहरी चैनल गेट के बाहर गार्ड जगन्नाथ कुशवाहा तैनात था। करीब 9:50 बजे की बात है। 23-24 साल का युवक ब्रांच में आया। उसने गार्ड कुशवाहा को अपना नाम नितेश यादव बताया। इसके बाद गार्ड से चेकिंग करवाकर चैनल गेट खुलवाकर अंदर आ गया।
मैं उस समय कुर्सी पर बैठा था, वो लड़का मेरे टेबल के सामने जैसे ही पहुंचा। देखा- चैनल गेट के पास एक अन्य 23-24 साल का युवक गार्ड के साथ झूमा-झटकी कर रहा है। उसके हाथ में पिस्टल भी थी। वो मुझे भी वहीं से पिस्टल दिखा रहा था। इसी दौरान गार्ड के पीछे दो और युवक भी दिख रहे थे। वो भी गार्ड से धक्का-मुक्की करने लगे। इतने में एक युवक ने फर्श से सरकाते हुए नितेश यादव नाम के युवक की तरफ एक पिस्टल फेंकी। इसी दौरान नितेश ने टेबल के ऊपर से धक्का देकर मुझे गिरा दिया। वह कूदकर मेरे पास आया। बोला- चुपचाप लाॅकर खोल दे नहीं, तो हम सब लोग पिस्टल रखे हैं, तुम सब को यहीं मार डालेंगे।
Published on:
06 Apr 2023 08:58 pm
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