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तेज बारिश के बाद बिगड़े हालात, राजधानी में आज भी अलर्ट

मंगलवार सुबह तकरीबन 11.30 बजे एक बार फिर बादलों ने न केवल आसमान पर डेरा जमाया, बल्कि गरज के साथ जमकर बरसे भी। बुधवार को भी है अलर्ट.. पढ़ें पूरी खबर.. 
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rishi upadhyay

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Updated: 13 Jul 2016, 11:05 AM IST

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भोपाल। तेज बारिश एक बार फिर शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी। सड़कों, नालों के लबालब होने के बाद पानी घरों में घुसा। राहत की बात ये रही कि दोपहर होते होते बारिश थम गई। मंगलवार सुबह तकरीबन 11.30 बजे एक बार फिर बादलों ने न केवल आसमान पर डेरा जमाया, बल्कि गरज के साथ जमकर बरसे भी।

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तेज बारिश से एक ओर जहां शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात हुई बारिश के बाद बने हालात को ताजा कर दिया। एहतियातन लोगों ने सामान बचाने के लिए कोशिशें शुरू कर दी। न्यू सुभाष नगर में नाले से सटे मकानों में एक बार फिर पानी घुस गया।


इसी तरह नाले का पानी अशोका गार्डन, महामाई का बाग, द्वारका नगर, नवीन नगर, हिनौतिया के घरों में घुसा। महामाई के बाग स्थित महामाई माता मंदिर परिसर भी पानी से लबालब हो गया।

ईंट से पानी रोकने की मशक्कत
ओल्ड अशोका गार्डन, पंजाबी बाग समेत न्यू सुभाषनगर में घरों के सामने ईंट की एक से दो फीट की दीवार बनाकर पानी रोकने की कोशिश भी नाकाफी साबित हुई। ओल्ड अशोका गार्डन में नालियां चोक होने से सड़कों से पानी बहता रहा। मनसा देवी मंदिर के सामने पानी भरने से रास्ता बंद रहा।

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अस्सी फीट रोड पर भी कई जगह सड़कें पानी से डूबी रहीं। बारिश के बाद महामाई का बाग, नवीन नगर, हिनौतिया, द्वारका नगर में नगर निगम की ओर से अनाउंसमेंट करवाया गया। जोन 11 के अधिकारी राजेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक नालों की सफाई करवाने के बाद से पानी तेजी से निकल गया। हालांकि महामाईके बाग से तीन परिवारों को बजरिया स्थित स्कूल में शिफ्ट किया गया था।



फुल हुए रेलवे ट्रैक
भोपाल स्टेशन के प्रबंधक प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन ने बारिश के पहले बजरिया नाले की न तो सफाई कराई और न ही जल निकासी की व्यवस्था। इसका परिणाम यह है कि थोड़ी सी बारिश में चोक पड़े नाले का पूरा पानी भोपाल स्टेशन के ट्रैक पर भर जाता है।

इसके चलते मंगलवार को भी लगभग पांच घंटे तक पूरे सिग्नल प्रभावित रहे। दोपहर एक बजे आई गड़बड़ी को शाम 6 बजे ठीक किया जा सका।

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बरसात होते ही दौड़े अफसर
मंगलवार सुबह 11 बजे के बाद जैसे-जैसे बारिश बढ़ती जा रही थी। अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ती जा रहीं थीं। 12 बजे के आस-पास कलेक्टोरेट से कलेक्टर निशांत वरवड़े, एडीएम रत्नाकर झा, एडीएम दिशा नागवंशी सहित अन्य अधिकारी फील्ड में पहुंच गए और पुराने शहर में अशोका गार्डन, महामाई का बाग, भोपाल टाकीज क्षेत्र, सैफिया कॉलेज रोड, सिंधी कॉलोनी की पल-पल की लोकेशन लेते रहे।


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पानी रुकने के बाद कुछ इलाकों में पानी भर गया, जिसे नगर निगम के पम्पों की मदद से निकाला गया। इसके बाद सभी अधिकारी सर्वे करने में जुट गए ताकि पीडि़त लोगों को मदद पहुंचाई जा सके। इधर खाने के पैकेट भी पीडि़तों में बंटवाए गए हैं।

यहां बने हैं अस्थायी कैम्प-
-कम्युनिटी हॉल कोटरा सुल्तानाबाद वार्ड-27
- सरदार पटेल मा. शाला एवं प्रा. शाला पंचशील नगर, वार्ड-47
- शांति स्कूल पिपलानी सतनामी नगर
- शांति स्कूल पिपलानी अर्जुन नगर
- उत्थान भवन गरीब नगर एवं शंकर नगर
- सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 के पास
- प्रा. शाला रेन-बसेरा चांदबढ़ द्वारका नगर
- ईको ग्रीन पार्क अयोध्या बायपास
- शा. हाई स्कूल कल्याण नगर भानपुर
- शा. कन्या मा. विद्यालय स्टेशन एरिया वार्ड नं.-39
- आर्यन स्कूल वार्ड नं.-35
- शा.मा. शाला बाग मुगालिया वार्ड नं.-55
- स्वास्तिक ग्रांड के फ्लैट वार्ड-53