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Rajasthan : पंचायत चुनाव के दौरान राजस्थान की 80 तहसीलें सूखा ग्रस्त घोषित, 6 माह तक राजस्व वसूली पर लगी रोक

Rajasthan : मानसून की बेरुखी, कम बारिश, गिरते भूजल स्तर और खरीफ फसलों को हुए नुकसान ने राजस्थान के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिसके बाद पंचायत चुनाव के दौरान प्रदेश के 80 तहसील क्षेत्रों को सूखाग्रस्त श्रेणी में शामिल किया गया है।
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बाड़मेर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 26 Oct 2026, 7:00 AM IST

rajasthan 80 tehsils declared drought hit revenue collection Stop

Rajasthan : सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : बालोतरा। मानसून की बेरुखी, कम बारिश, गिरते भूजल स्तर और खरीफ फसलों को हुए नुकसान ने राजस्थान के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से जारी 2 सूखा अधिसूचनाओं में प्रदेश के 80 तहसील क्षेत्रों को सूखाग्रस्त श्रेणी में शामिल किया गया है। जिनमें 53 गंभीर स्थिति में हैं। अधिसूचना के तहत प्रभावित क्षेत्रों में छह माह तक राजस्व वसूली पर रोक भी लगा दी गई है। मजेदार बात यह है कि अभी पंचायत चुनाव चल रहे हैं और तीन चरण और बाकी हैं। इन 80 तहसीलों में अभी चुनाव बाकी हैं ऐसे में राजस्व वसूली रोकने सहित कई प्रावधानों से मौजूदा भाजपा सरकार को चुनाव में फायदा मिल सकता है। अधिसूचनाओं में बाड़मेर की 10 और बालोतरा की 9 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित की गई हैं।

23 जिलों की तहसीलें शामिल

दोनों अधिसूचनाओं में 23 जिलों की 80 तहसीलें शामिल की गई हैं। पहली अधिसूचना में बाड़मेर और बालोतरा के अलावा जालोर की 9, जोधपुर की 7, डूंगरपुर की 7, जैसलमेर और फलोदी की 5-5, बांसवाड़ा की 3 तथा चूरू, पाली, सिरोही, ब्यावर और नागौर की एक-एक तहसील शामिल है। वहीं पाली की 7, बालोतरा की 6, जोधपुर की 5, जैसलमेर और फलोदी की 2-2 तथा चूरू, जालोर, बाड़मेर, ब्यावर और बीकानेर की एक-एक तहसील शामिल है।

किसानों को मिलेगी राहत

अधिसूचनाओं के तहत प्रभावित क्षेत्रों में छह माह तक निर्धारित राजस्व वसूली और संबंधित कार्यवाहियों पर रोक के प्रावधान से किसानों को राहत मिल सकती है। चारा डिपो व पेयजल की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुशील कुमार यादव, जिला कलक्टर, बालोतरा

चुनाव के बीच नाराजगी दूर करने की कवायद

प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनावों के बीच उठाए गए इस कदम के चुनावी नफे से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पहले चरण में बाड़मेर में जिला परिषद के 23 वार्ड व दस पंचायत समितियों में चुनाव हो चुके हैं। अगले चरण में बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर सहित अन्य जिलों में भी चुनाव होने हैं।

पंचायत चुनाव के आगामी चरणों में इन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्यों का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण रहेगा। पेयजल, चारा, फसल खराबे और आर्थिक सहायता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई ग्रामीणों की नाराजगी दूर करने और सरकार के प्रति भरोसा कायम करने का प्रयास हो सकती है।