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पानी में मिले ई-कोलाई बैक्टीरिया, NGT दिल्ली ने भोपाल के अधिकारियों को किया तलब तो खुली पोल

Bhopal Water Contamination: राजधानी भोपाल में भी इंदौर के भागीरथपुरा जैसा जानलेवा खतरा, कुएं के पानी में ई-कोलाई बैक्टिरिया मिलने के बाद एनजीटी दिल्ली ने लिया संज्ञान, निगम अधिकारियों को किया तलब, पढ़ें पूरी खबर

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NGT Delhi Principal Bench

NGT Delhi Principal Bench (photo: greentribunal gov, portal)

Bhopal water contamination: राजधानी में भी पेयजल स्रोतों में सीवेज मिक्सिंग (Bhopal water contamination) के चलते इंदौर के भागीरथपुरा जैसी त्रासदी बनने की आशंका बनी हुई है। एनजीटी के निर्देश पर एमपीपीसीबी द्वारा की पेयजल स्रोतों की जांच में फीकल और टोटल कोलीफॉर्म के साथ गंभीर बीमारियों का जनक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। इसमें ई-कोलाई 4 एमपीएन प्रति 100 एलएल और टोटल कोलीफॉर्म 120 एमपीएन प्रति 100 एमएल पाया गया है।

एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में किया स्वीकार

एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में भोपाल नगर निगम ने भी स्वीकार किया है कि सीवेज लाइन के लीकेज से हुई मिक्सिंग के चलते ई-कोलाई (Bhopal water contamination) की उपिस्थति दर्ज की गई। निगम ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि भोपाल में सीवेज लाइन या नाले, नालियों के अंदर या पास बिछी 525 किमी पेयजल लाइन चिह्नित कर ली है। इसे बदलने के लिए 377 करोड़ का बजट चाहिए, इसके लिए राज्य शासन को पत्र लिखा गया है।

एनजीटी प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली ने लिया संज्ञान

एनजीटी प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली ने पत्रिका समेत मीडिया रिपोर्टस पर संज्ञान लेकर इस संबंध में जांच रिपोर्ट तलब की थी। यह रिपोर्ट मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया कि ट्रिब्यूनल के निर्देश के बाद बोर्ड की टीम ने भोपाल के बड़ा तालाब और उसके आसपास के पेयजल स्रोतों का मौके पर जाकर जायजा लिया और सैंपल लिए। वहां से तीन सेंपल लिए थे। पहला खानूगांव में बड़ा तालाब से, दूसरा बागोबहार रोड के पास तालाब से और तीसरा खानूगांव में अजीमजी के खुले कुएं से लिया। इसमें अजीमजी के कुएं वाले नमूने के माइक्रो बायोलोजिकल एनालिसिस में ई- कोलाई मिला। इसे पीने के लिए असुरक्षित घोषित किया है।

पीसीबी ने इसके लिए पास की सीवेज लाइन से लीकेज, सेप्टिक टैंक से लीकेज और खुले में शौच और जानवरों के अपशिष्ट से पानी दूषित (Bhopal water contamination) होने की संभावना व्यक्त की। साथ इसमें टोटल कोलीफॉर्म और फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया भी मिला, इसके लिए मानवीय और जानवरों के वेस्ट को जिम्मेदार माना।

निगम से मांगा जवाब

रिपोर्ट पर भोपाल निगम से जवाब मांगा। इसमें बीएमसी ने बताया है कि कुएं और ट्यूबवेल का पानी पास की सीवर लाइन के लीकेज के चलते दूषित हुआ है। इस जलस्रोत से पेयजल की सप्लाई रुकवा दी है। रहवासियों के लिए पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की है। बड़ा तालाब के पास पूरी पेयजल सह्रश्वलाई और सीवर लाइन की जांच की जा रही है।

इतवारा-बुधवारा में सीवेज मिक्सिंग की आशंका

एनजीटी द्वारा जिन रिपोर्ट के आधार पर संज्ञान लिया गया है उनमें राजधानी भोपाल के इतवारा, बुधवारा, बाग फरहत अफजा और गैस राहत क्षेत्र में सीवेज मिक्सिंग (Bhopal water contamination) की आशंका व्यक्त की गई है। बीयू के विद्यार्थियों द्वारा किए गए सर्वे और जांच का भी हवाला दिया गया जिसमें न्यू मार्केट, विजया मार्केट और बरखेड़ा में सह्रश्वलाई किए गए पेयजल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की उपिस्थति पाई गई। पेयजल मॉनीटरिंग के लिए स्काडा सिस्टम अधूरा है।

4200 किमी पानी की लाइन, सीवर 700 किमी तक

राजधानी में पानी की 4200 किलोमीटर लाइन बिछी है जबकि सीवर लाइन केवल 700 किमी है। इससे सीवर लाइन ओवरफ्लो होने और नालों में बहाए जाने से संक्रमण (Bhopal water contamination) का खतरा है। हालांकि बाद में नगर निगम ने अपनी लैब में इन सभी क्षेत्रों में पेयजल की जांच कराकर रिपोर्ट दी जिसमें कोलीफॉर्म शून्य बताया गया है।