
सियासी उठापटक के बीच भाजपा के दो विधायक कांग्रेस के संपर्क में
भोपाल/ मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामें में पल नए नए मोड़ आ रहे हैं। एक तरफ जहां भाजपा प्रदेश सरकार पर अल्पमत होने का आरोप लगाते हुए फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही है। वहीं, कमलनाथ सरकार उनके पास बहुमत होने और सिंधिया समर्थन वाले विधायकों को बंदी बनाकर रखने का आरोप लगा रही है। इस सियासी उठापटक के बीच भाजपा के दो विधायकों पर कांग्रेस नजर बनाए हुए है। इनमें नारायण त्रिपाठी के नजरिये पर तो स्थितियां लगभग स्पष्ट हो ही गई हैं, क्योंकि अब तक उन्होंने अपने बयानों में नजरियां स्पष्ट नहीं किया है। साथ ही कल विधानसभा सत्र से भाग जाने और उसके बाद से अब तक दो बार सीएम हाउस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करने की बात सामने आ चुकी है।
शरद कोल पर कांग्रेस की नजर
भाजपा के नारायण त्रिपाठी के अलावा शरद कोल भी कांग्रेस के संपर्क में बताए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा ने विधानसभा में नारायण त्रिपाठी के अलावा शरद कोल पर भी पैनी निगाहें बनाए रखीं थीं। भाजपा ने भी इसे भांप लिया है, जिसके चलते भाजपा के विशवस्नीय विधायक कोल से साथ लगातार बातचीत करते नजर आए। हालांकि, कांग्रेस त्रिपाठी से संपर्क साधने में कामयाब नजर आई। त्रिपाठी ने सदन के बाहर बागी तेवर दिखाए, फिर सोमवार शाम को भी नारायण त्रिपाठी मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने सीए हाउस पहुंचे। मंगलवार दोपहर को भी सीएम हाउस में कमलनाथ महत्वपूर्ण बैठक ले रहे हैं। इस बैठक में भी नारायण त्रिपाठी मौजूद हैं।
त्रिपाठी की हरकतों ने भाजपा को डराया
विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू होने पर एक बार फिर सदन की कार्यवाही में मौजूद रहे भाजपा के नारायण त्रिपाठी के पार्टी विरोधी तेवर दिखाई दिए। सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले उन्होंने अध्यक्षीय दीर्घा में बैठे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखकर तुरंत उनके पास भाजपा विधायक विश्वास सारंग पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश दिया। संदेश मिलते ही त्रिपाठी चौहान के पास की कुर्सी पर बैठ गए और डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने उनकी कमर पकड़े हुए अपनत्व दिखाया। इस बीच त्रिपाठी को भाजपा के वरिष्ठ विधायकों ने घेर लिया। सदन के अंदर दूसरे भाजपा विधायक शरद कोल के आसपास भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा, बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित कुछ अन्य एमएलए चहल-कदमी कर उनसे बातचीत करते रहे।
बयानों में ये कहते हैं त्रिपाठी
वहीं, नारायण त्रिपाठी के भाजपा विरोधी और कांग्रेस समर्थक तेवर सदन के बाहर मीडिया के सामने दिखाई देते रहे। उन्होंने कांग्रेस के 22 विधायकों के बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि ये भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया के उस बयान सिद्ध होता है, जिसमें वे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को चुनौती दे रहे हैं कि वे विधायकों से मिलने बेंगलुरु जा रहे हैं, उनमें ताकत या क्षमता है तो जो कर सकें, कर लें। हालांकि, अपने बयानों में वो अब भी यही कहते दिख रहे हैं कि, जो प्रदेश के लिए सच्चाई से काम कर रहा है, मैं उसके साथ हूं। किसके साथ हूं, यह समय आने पर बता चल जाएगा।
Published on:
17 Mar 2020 04:20 pm
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