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बाबरी विध्वंस केस का फैसला कल, एम्स में भर्ती उमा भारती बोलीं- नहीं लेंगी जमानत

बाबरी विध्वंस केस में 30 सितंबर को आने वाला है सीबीआई कोर्ट का फैसला...।
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भोपाल

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Manish Gite

Sep 29, 2020

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भोपाल। ऋषिकेश के एम्स ( aiims rishikesh ) में भर्ती मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ( uma bharti ) ने कहा है कि बाबरी केस में जेल जाना मंजूर है पर जमानत नहीं लूंगी। 30 सितंबर को बाबरी विध्वंस मामले में सुनवाई कर रही सीबीआई की एक विशेष अदालत लखनऊ में अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में कई आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा गया है। गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस मामले ( ayodhya case news ) में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, जयभान सिंह पवैया समेत 32 आरोपी हैं।

उमा भारती ( bjp leader uma bharti ) सोमवार को ही ऋषिकेश एम्स में भर्ती हुई हैं। उनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव ( corona positive ) आई है। एम्स के डाक्टरों ने उनके स्वास्थ्य के बारे में बताया कि उनकी तबीयत स्थिर बनी हुई है। तीन दिन पहले उमा भारती ने खुद ट्वीट करके कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

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जमानत नहीं लूंगी

फैसले से दो दिन पहले उमा भारती ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस मामले में जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन जमानत नहीं लेंगी। उमा भारती ने अपने पत्र में कहा है कि 30 सितंबर को लखनऊ की सीबीआई की विशेष अदालत में फैसला सुनने के लिए मुझे पेश होना है, मैं कानून को वेद, अदालत को मंदिर और जज को भगवान का रूप मनती हूं, इसलिए अदालत का हर फैसला मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि मुझे अयोध्या आंदोलन में भागीदारी पर गर्व है, मैंने तो हमेशा कहा है कि अयोध्या के लिए तो फांसी भी मंजूर है। मैं नहीं जानती फैसला क्या होगा, लेकिन मैं अयोध्या पर जमानत नहीं लूंगी। जमानत लेने से आंदोलन में भागीदारी की गरिमा कलंकित होगी। ऐसे हालातों में आप मुझे नई टीम में रख पाते हैं कि नहीं इस पर विचार कर लीजिए। यह गर्व, आनंद और आश्चर्यपूर्ण विसंगति का विषय है कि जिस अयोध्या मामले में 2017 में सीबीआई ने मुझे साजिशकर्ता होने पर शक जताया, उसी का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त 2020 को किया।

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