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डॉक्टर बनने की डील, मेडिकल में मुन्नाभाइयों को 20 लाख में एडमिशन

मुन्नाभाई एमबीबीएस महज फिल्म नहीं बल्कि हकीकत है। डॉक्टर बनने की बाकायदा डील की जा रही है। लाखों रुपए लेकर मुन्नाभाइयों को मेडिकल में में एडमिशन दिया जा रहा है। ऐसे ही एक केस में दोषियों को सजा सुनाई गई है। पीएमटी व्यापमं घोटाले के 5 आरोपियों को दोषी मानते हुए कोर्ट ने जेल की सजा सुनाई।

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मुन्नाभाई एमबीबीएस महज फिल्म नहीं बल्कि हकीकत

मुन्नाभाई एमबीबीएस महज फिल्म नहीं बल्कि हकीकत है। डॉक्टर बनने की बाकायदा डील की जा रही है। लाखों रुपए लेकर मुन्नाभाइयों को मेडिकल में में एडमिशन दिया जा रहा है। ऐसे ही एक केस में दोषियों को सजा सुनाई गई है। पीएमटी व्यापमं घोटाले के 5 आरोपियों को दोषी मानते हुए कोर्ट ने जेल की सजा सुनाई।

मप्र प्री-मेडिकल टेस्ट व्यापमं घोटाले के मास्टरमाइंड पांच आरोपियों को सीबीआइ की विशेष अदालत ने सात-सात साल की सश्रम सजा सुनाई है। उन पर दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसोदिया की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

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सीबीआइ की विशेष कोर्ट के मुताबिक मप्र पीएमटी की परीक्षा 2013 में हुई।
इसमें सॉल्वर और मीडिएटर की भूमिका सामने आने पर एसटीएफ ने 2013 में पांच आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। वर्ष 2015 में मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी दी।

सीबीआइ ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसमें प्रवेश दिलाने वाले चार मीडिऐटर और एक सॉल्वर की पहचान हुई। इनमें से मीडिऐटर राकेश कुमार पिता धनवरी प्रसाद निवासी नालंदा (बिहार), हार्दिक पिता महेश पटेल निवासी सूरत(गुजरात), श्रवण पिता तिलक सोनार निवासी गुवाहाटी (असम), धनंजय पिता दरोगा सिंह नालंदा(बिहार) एवं सॉल्वर मुकेश पिता रामकेवल मौर्य निवासी अंबेडकरनगर (उप्र) शामिल हैं।

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आरोपियों ने अदालत में जुर्म कबूला कि बाल अपचारी को एग्जाम में पास कराने के लिए उन्होंने तीन लाख रुपये में सॉल्वर उपलब्ध कराए। सीबीआइ की ओर से प्रस्तुत प्रकरण में अवैध रूप से प्रवेश दिलाने मे दोषी मानते हुए अदालत ने आरोपियों को सात-सात वर्ष के कठोर सश्रम करावास एवं दस-दस हजार रुपए का जुर्माना किया है।

20 लाख रुपये में हुई थी डील
सीबीआई पूछताछ में हार्दिक पटेल ने कहा कि उसने पहले भी कई सॉल्वर उपलब्ध कराए। इनसे ही परीक्षार्थी के पिता ने संपर्क कर सॉल्वर उपलब्ध कराने को कहा। 20 लाख में डील हुई। इसके बाद मुकेश मौर्य को सॉल्वर के रुप में चुना गया, जिसे एग्जाम के बदले तीन लाख रुपये दिए। मुकेश पहले भी पीएमटी टेस्ट देकर कई परीक्षार्थियों को पास करा चुका था।

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