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‘सरकार कर रही आलसियों की फौज तैयार’

बेरोजगारों के भत्ते पर मुख्य आयकर आयुक्त ने उठाए सवाल...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 7 Feb 2019, 3:12 PM IST

RK  Paliwal

'सरकार कर रही आलसियों की फौज तैयार'

भोपाल। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले MP की कमलनाथ सरकार बेरोजगार युवाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है। जिसके चलते जहां एक ओर भाजपा में चिंता की लकीरें उभर आईं हैं। वहीं दूसरी ओर एक बड़े सरकारी अफसर ने इन योजनाओं से पैदा होने वाली परेशानियों को सामने लाकर कांग्रेस में खुशी आने से पहले ही इस योजना की कुछ हद तक धज्जियां बिखेर दी हैं।

दरअसल 'युवा स्वाभिमान योजना’ के तहत सरकार बेरोजगार युवाओं के तहत शहरी युवाओं को 100 दिन का काम दिए जाने के साथ चार हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देगी।

इस पर जल्द ही कैबिनेट बैठक में इस योजना पर मुहर लग सकती है। एक ओर जहां सरकार इस फैसले को युवाओं के हित में बता रही है, वहीं इसको लेकर अधिकारी द्वारा उठाई गई बातों के चलते इस योजना पर सवाल भी उठने लगे हैं।

असल में मुख्य आयकर आयुक्त आरके पालीवाल ने बेरोजगारों को भत्ता देने पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने इस तरह की योजनाओं से भविष्य में सामने आने वाली समस्याओं का जिक्र किया है।

उनका मानना है कि ऐसा कर सरकार आलसियों की फौज तैयार कर रही है| क्योंकि भत्ते का लाभ लेने के लिए यह निश्चित है कि रातों रात बेरोजगार लोगों की एक बड़ी फौज खड़ी हो जाएगी। इससे पहले वह एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार के इशारे पर काम करने वाली जांच एजेंसियों के अफसरों को भी आड़े हाथों ले चुके हैं।

जानकारों की मानें तो कुल मिलाकर बेरोजगारों को भत्ता देने के कमलनाथ सरकार के फैसले पर किसी राजनैतिक पार्टी ने नहीं वरन इस बार एक सरकारी कर्मचारी ने ही अटैक कर दिया है। जिसके चलते इस योजना से कुछ लाभ मिलने से पहले ही योजना सवालों के घेरे में आ गई है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट...
मुख्य आयकर आयुक्त आरके पालीवाल ने बेरोजगारों को भत्ता देने पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उनका कहना है कि सरकार आलसियों की फौज तैयार कर रही है। वहीं भत्ते का लाभ लेने के लिए यह निश्चित है कि रातों रात बेरोजगार लोगों की एक बड़ी फौज खड़ी हो जाएगी।

इससे पहले उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार के इशारे पर काम करने वाली जांच एजेंसियों के अफसरों को आड़े हाथों लिया था।

फेसबुक पर लिखा...
: पालीवाल ने फेसबुक पर लिखा कि आजकल महाचुनाव की पूर्व संध्या पर हर तरफ लोक लुभावन आयोजनों की मायावी बहार आई है, जिसमें किसानों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों के साथ साथ बेरोजगारों के लिए भी नित नए नए वादों की बौछार हो रही हैं।

: हम सब जानते हैं कि पिछले सत्तर सालों में किस तरह आरक्षण के लाभ के लिए विभिन्न जातियों में खुद को एक दूसरे से ज्यादा पिछड़ा साबित करने की होड़ मची हुई है।

इस परिप्रेक्ष्य में हमारे समाज के एक बड़े भाग के लिए यह भी संभव है कि बेरोजगारी भत्ते के लिए भी अच्छे खासे रोजगार करने वाले लोग भी खुद को बेरोजगार साबित करने की कोशिश करने लगें।

: उन्होंने लिखा कि गरीब और बेरोजगार लोगों को रोजगार देने के लिए मनरेगा जैसी सुविचारित योजनाओं का अपना महत्व है, लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि इस योजना के लिए भी बहुत से इलाकों में श्रम करने वाले मजदूर नहीं मिल रहे हैं।

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: इससे साफ जाहिर है कि देश में काम करने वालों के लिए रोजगार की कमी नहीं है लेकिन आलसी और थोड़े पढ़े लिखे लोग खेती बाड़ी और मेहनत मशक्कत के कामों से जी चुराते हैं, जिससे देश में वास्तव से कहीं ज्यादा बेरोजगारी दिखाई देती है। इस मुद्दे पर हम सभी को बहुत सतर्कता के साथ चिंतन करने की जरूरत है।