
मिशन आदिवासी का आगाज : कांग्रेस मनाएगी भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, कमलनाथ ने सरकार को घेरा
भोपाल. मध्य प्रदेश में साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव पूरी तरह आदिवासी वोट पर आधारित होंगे। इसी के चलते प्रदेश के राजनीतिक दल खासतौर पर उन्हीं को साधने का हर संभव प्रयास करने में जुटे हुए हैं। एक तरफ तो भाजपा की शिवराज सरकार आदिवासी हित में कई महत्वपूर्ण कार्य कर चुकी है तो अब मध्य प्रदेश कांग्रेस भी आदिवासियों को साधने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इसी तर्ज पर आज कांग्रेस कमेटी विश्व आदिवासी दिवस और भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मनाने जा रही है।
बता दें कि, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ क्रांतिकारी टंट्या भील की जन्मस्थली गए हैं। कमलनाथ सुबह 10 बजे महू पहुंचे हैं। कमलनाथ पातालपानी स्थित कार्यक्रम में शामिल होकर याद कर नमन करेंगे। वे भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव कुटी भी पहुंचेंगे।
ये रहेगा कमलनाथ का कार्यक्रम
पूर्व सीएम भगवान परशुराम के मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन करेंगे। वहीं आज से तिरंगा सम्मान पद यात्रा का आगाज भी करेंगे। भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी पर निकलने वाली पदयात्रा में शामिल होंगे। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। यात्रा के लिए अलग अलग संभाग में बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, डॉ गोविंद सिंह, अजय सिंह राहुल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदिवासी दिवस के बहाने सरकार पर निशाना
इस संबंध में जानकारी देते हुए कमलनाथ ने ट्वीट किया कि, आदिवासी वर्ग के उत्थान और उन्हें उनका हक दिलाने के लिए कांग्रेस हमेशा संकल्पित रही है। आज आदिवासी वर्ग निरंतर उत्पीड़न, दमन और अत्याचार का शिकार हो रहा है, उसके हितों की लगातार अनदेखी हो रही है। अब समय आ गया है कि, आदिवासी वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए और इस अत्याचार, दमन और उत्पीड़न के खिलाफ मुखर होकर अपनी आवाज बुलंद करें। बता दें कि, आदिवासी दिवस के बहाने कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
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Published on:
09 Aug 2022 10:47 am
