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फर्जी मार्कशीट बनाकर लेने चला था बीई में एडमिशन, कोर्ट ने दी सश्रम कारावास की सजा

अदालत ने 3 साल के सश्रम कारावास-8 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई
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भोपाल

•

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Sunil Mishra

•

Oct 11, 2018

Jail

सिंचाई विभाग के तत्कालीन एसई सहित पांच जनों को दो-दो साल कठोर कारावास

भोपाल। फर्जी मार्कशीट लगाकर आरजीपीवी कॉलेज के बीई पाठयक्रम में प्रवेश लेने का प्रयास करने वाले मोहम्मद रिजवान निवासी टीकमगढ को अदालत ने 3 साल के सश्रम कारावास-8 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश भू भास्कर यादव ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है।

मामला गांधी नगर थाने का है। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2009 की 12वीं की परीक्षा में मोहम्मद रिजवान द्वितीय श्रेणी में पास हुआ था। आरजीपीवी यूआईटी में एडमिशन के लिए रिजवान ने रीवा निवासी आशीष पाण्डेय की मदद से मार्कशीट में प्रथम श्रेणी करवा ली थी।

उसने इसके लिए फर्जी मार्कशीट कंप्यूटर से बनवाकर उसका प्रिंट निकाल लिया। फर्जी मार्कशीट लेकर रिजवान 5 अक्टूबर 2009 को बीई पाठयक्रम में प्रवेश लिए आरजीपीवी कॉलेज काउंसलिग के लिए पहुंचा था। कांउंसलिंग में बैठे सहायक प्राध्यापक को कुछ शक हो गया।

उन्होंने उसकी मार्कशीट की तत्काल जांच करा ली। जांच में उसकी मार्कशीट फर्जी पाई गई। जांच में फर्जी पाए जाने पर काउंसलिंग में बैठे सहायक प्राध्यापक की शिकायत पर पुलिस ने रिजवान और आशीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उसका प्रवेश का दावा भी निरस्त कर दिया गया था।

मामले में आशीष को पूर्व में ही सजा दी जा चुकी है। यदि फर्जी अंकसूची से उसे बीई में प्रवेश मिल जाता तो अभी तक तो उसकी डिग्री पूरी हो गई होती।

दुष्कर्मी को 10 साल की कैद

वही दूसरी ओर शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने रवि को 10 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने यह फैसला सुनाया है। सरकारी वकील टीपी गौतम ने बताया कि शादी का झांसा देकर 21 मार्च 2012 को रवि ने 14 वर्षीय नाबालिग के साथ ज्यादती की थी।

नाबालिग के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रवि के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। अदालत ने सभी पक्षों को सुना और सभी सबूतों को परखा। इसके बाद बुधवार को फैसला सुना दिया।