
महिलाओं की सुरक्षा, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता और सख्त कानूनों के दावों के बीच राजधानी में दर्ज हुए अपराध के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले है। 2026 में 30 सितंबर तक महिलाओं के खिलाफ अपराध के 2801 केस दर्ज हुए हैं। हर दिन 10 महिलाएं शिकार बन रही है। 2025 में 2216 और 2024 में 2482 मामले दर्ज हुए। आंकड़ों को देखें तो 2026 में अपराध पिछले साल के मुकाबले 26 प्रतिशत बढ़ गए है। इसमें सबसे ज्यादा अपहरण, बलात्कार और महिलाओं के साथ प्रताड़ना के केस में बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में 30 सितंबर तक महिलाओं के अपहरण के 505 मामले दर्ज हुए, वहीं, 2025 में 337 और 2024 में 369 मामले आए थे। इसी तरह बलात्कार के मामले 2024 में 233, 2025 में 276 और 2026 में बढ़कर 301 हो गए।
महिलाओं के साथ शील भंग के केस बढ़े हैं। 2024 में 277, 2025 में 289 और 2026 में 323 मामले दर्ज किए गए। जिसमें किसी महिला या युवती के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध किया गया ऐसा अनैतिक व्यवहार, दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ या अपमान है, जिससे उसकी लज्जा, शालीनता या गरिमा को ठेस पहुंचती है।
महिलाओं के खिलाफ प्रताड़ना के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। तुलना करें तो 2024 में 412, 2025 में 437 और 2026 में 573 मामले सामने आए। यानी 025 के मुकाबले इस साल करीब 31 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज हुए।
दहेज हत्या के अपराध में 2024 और 2025 में आठ-आठ थे, जो 2026 में छह रहे। वहीं, आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले 2025 में 22 थे, जो 2026 में घटकर 10 रह गए।
स्कूल-कॉलेज, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए। साथ ही, महिलाओं को यह भरोसा मिलना चाहिए कि शिकायत करने पर उनकी बात सुनी जाएगी।
महिला से जुड़े अपराध को लेकर तुरंत कार्रवाई की जाती है। वहीं, महिला थाना सहित सभी थाना में महिला हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। इसके अलावा शी शक्ति टीम बनाई महिला गई है। शिकायत मिलने पर पुलिस बल सुरक्षा पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है।- संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर भोपाल
2024: 2482
2025: 2216
2026: 2801
Updated on:
23 Oct 2026, 8:57 AM IST
Published on:
23 Oct 2026, 8:57 AM IST
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